पाकिस्तान में हालात अचानक बिगड़ गए जब गाज़ा पीस डील के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में 250 लोगों की मौत का दावा किया गया है। यह घटना कराची, लाहौर और इस्लामाबाद समेत कई बड़े शहरों में हुई, जहां हजारों लोग सड़कों पर उतर आए थे।
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गाज़ा शांति समझौते के विरोध में देशभर में प्रदर्शन**
सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शनकारी गाज़ा पीस डील को फिलिस्तीन के साथ “विश्वासघात” बता रहे थे। प्रदर्शन शुरू में शांतिपूर्ण था, लेकिन कुछ जगहों पर प्रदर्शन उग्र हो गया। भीड़ ने सरकारी दफ्तरों और पुलिस वाहनों में आग लगा दी।
पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए की फायरिंग
स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस, लाठीचार्ज और बाद में फायरिंग का सहारा लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गोलीबारी इतनी तीव्र थी कि कई लोग मौके पर ही मारे गए।
250 की मौत, 1500 घायल – अस्पतालों में अफरा-तफरी
अब तक 250 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 1500 लोग घायल हुए हैं। कराची और लाहौर के अस्पतालों में आपात स्थिति घोषित कर दी गई है। कई जगहों पर ब्लड डोनेशन कैंप लगाए गए हैं।
सरकार ने जांच के आदेश दिए, इंटरनेट सेवाएं बंद
पाकिस्तानी सरकार ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही, देश के कई हिस्सों में इटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद कर दी गई हैं ताकि गलत जानकारी और अफवाहों पर रोक लगाई जा सके।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया
इस घटना पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान से संयम बरतने और मानवाधिकारों का सम्मान करने की अपील की है। वहीं, फिलिस्तीन समर्थक संगठनों ने मृतकों के प्रति शोक प्रकट किया है।


