नई दिल्ली, 3 अगस्त 2025 – कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर केंद्र सरकार की विदेश नीति और आतंकवाद के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले में पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराने के लिए हमारे सांसद दुनियाभर में घूमे, लेकिन किसी देश ने भारत के दावे को स्वीकार नहीं किया।
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अय्यर ने शनिवार को न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत में कहा, “हम इकलौते हैं जो अपनी छाती पीट-पीटकर कहते हैं कि पाकिस्तान जिम्मेदार है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका तक ने हमारी बात नहीं मानी, क्योंकि हमारे पास पुख्ता सबूत नहीं थे।”
ऑपरेशन सिंदूर और अंतरराष्ट्रीय अभियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर चलाया था और आतंकवाद के खिलाफ भारत का पक्ष मजबूत करने के लिए 7 डेलीगेशन को 33 देशों में भेजा था। इन दलों में कुल 59 सदस्य शामिल थे, जिनमें 51 सांसद और 8 राजदूत थे। इन दलों ने पांच प्रमुख संदेश दुनिया को दिए:
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आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस – ऑपरेशन सिंदूर को आतंकी ढांचों पर केंद्रित नपी-तुली सैन्य कार्रवाई बताया गया।
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पाकिस्तान आतंक का संरक्षक – TRF की संलिप्तता सहित पहले के आतंकी हमलों के सबूत प्रस्तुत किए गए।
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भारत का जिम्मेदार रुख – भारत ने सैन्य संयम दिखाया और निर्दोष नागरिकों को नुकसान से बचाया।
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दुनिया से सहयोग की अपील – वैश्विक समर्थन और आतंक के खिलाफ एकजुटता की मांग की गई।
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पाक के खिलाफ नई नीति – भारत अब प्रो-एक्टिव रणनीति अपनाकर आतंकवादियों को पहले ही निष्क्रिय करेगा।
पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 टूरिस्ट्स की हत्या कर दी गई थी। इसके जवाब में 7 मई को भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और पाकिस्तान के भीतर स्थित 9 आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी, जिसमें करीब 100 आतंकवादी मारे गए थे। दोनों देशों के बीच 10 मई को सीजफायर पर सहमति बनी थी।


