रायपुर : रायगढ़ रेलवे मंडल में हुए गोलीकांड में एक बड़ा खुलासा हुआ है. जिस आरक्षक ने दूसरे हेड कांस्टेबल पी.के. मिश्रा को गोलीमार कर हत्या की, उसने इससे पहले बिलासपुर में एक RPF इंस्पेक्टर को तलवार लेकर दौड़ाया था. इसके बाद उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था. लेकिन बाद में आरोपी आरक्षक ने अपील कर वापिस ड्यूटी ज्वाइन कर ली और अब उसने अपने ही एक साथी आरक्षक को मौत के घाट उतार दिया.
हर राउंड फायरिंग पर गोल घूमता था आरोपी
गोलीकांड की पूरी घटना CCTV फुटेज में कैद है, जिसमें आरोपी वारदात को अंजाम देते समय अजीब हरकत करते नजर आता है. वह हर एक राउंड फायर के बाद वहां गोल घूमकर चारों तरफ देखता था और फिर से गोली मारता था. फायरिंग के दौरान वहां कई लोग मौजूद भी थे, लेकिन डर के चलते किसी ने भी आरोपी को रोकने की कोशिश नहीं की. सनकी आरक्षक की पिस्तौल में 10 गोलियां थी. ऐसे में किसी द्वारा रोकने की कोशिश पर वह उनपर भी गोली चला सकता था.
बिलासपुर, कोरबा, मुंगेली और जांजगीर-चांपा में पुलिस भर्ती, 526 पदों पर आवेदन का मौका
आरोपी आरक्षक कुमार सिंह लादेर ने अपने साथी आरक्षक की हत्या के बाद पहले कबूलनामा लिखा. कबूलनामें में उसने लिखा- मैंने अपने परमित्र को गोली मार दी. हत्या के बाद भी आरोपी आरक्षक थाने में ऐसे काम करता रहा, मानो कुछ हुआ ही नहीं हो. आरोपी आरक्षक के बरताव को देखकर और पूर्व में इंस्पेक्टर से किए गए बरताव को देखा जाए, उसके मानसिक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह एक सनकी इंसान है, जिसने एक से अधिक बार अपने साथियों पर जानलेवा हमला किया और अंततः एक की जान ले ली. बिलासपुर में जिन इंस्पेक्टर पर उसने हमला किया था, वे वर्तमान में रायपुर रेलवे मंडल में पदस्थ हैं. फिलहाल पुलिस ने आरोपी आरक्षक कुमार सिंह लादेर को गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ कर रही है.


