रायपुर : छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के तहसील आरंग अंतर्गत ग्राम निसदा में स्थित फ़र्सीपत्थर खदानों में उत्खनन पट्टे की शर्तों के उल्लंघन के मामलों का खनिज विभाग ने संज्ञान लिया है। विभाग द्वारा समीक्षा और निरीक्षण के पश्चात संबंधित खदानों के पट्टेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कुल 7 खदानों में उत्खनन पट्टे की शर्तों का पालन नहीं किया गया। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि पट्टेदारों को 60 दिवस की समय सीमा दी गई है, जिसमें उन्हें विभाग को संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत करना होगा। यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो नियमानुसार उत्खनन पट्टा निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी।
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जांच के दौरान यह भी पाया गया कि कुछ खदानों में स्वीकृत क्षेत्र से बाहर अवैध खनन किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे मामलों में संबंधितों के विरुद्ध न्यायालयीन कार्यवाही प्रारंभ की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन और पट्टे की शर्तों के उल्लंघन पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खनिज विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि विभाग की यह कार्रवाई खनिज संसाधनों के संरक्षण और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा कि पट्टेदारों को अनुमति क्षेत्र के बाहर उत्खनन करने की अनुमति नहीं है, और किसी भी उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि निसदा क्षेत्र में फ़र्सीपत्थर की खदानें औद्योगिक गतिविधियों और निर्माण कार्यों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसलिए, खनिज विभाग ने पट्टेदारों को नियमों का पालन करने और खनिज संसाधनों का सुरक्षित और न्यायसंगत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने ग्रामीणों और स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि वे अवैध खनन या पट्टा उल्लंघन की सूचना तुरंत खनिज विभाग को दें। इससे न केवल संसाधनों की रक्षा होगी, बल्कि खनिज उत्खनन की प्रक्रिया में पारदर्शिता और अनुशासन भी सुनिश्चित होगा।
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खनिज विभाग ने इस कार्रवाई के माध्यम से यह संदेश दिया है कि सख्त निगरानी और नियमों का पालन न केवल खनिज संरक्षण के लिए जरूरी है, बल्कि खदानों के दीर्घकालिक संचालन और पर्यावरण सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। विभाग ने कहा कि आगे भी क्षेत्र में नियमित निरीक्षण, निगरानी और जांच जारी रहेगी, ताकि किसी भी प्रकार का अवैध उत्खनन या पट्टा उल्लंघन न हो सके। इस कदम से यह स्पष्ट हो गया है कि रायपुर जिले में खनिज संसाधनों के प्रबंधन और नियंत्रण के लिए खनिज विभाग पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है।


