कोरबा में शुक्रवार को जिले में जिला प्रशासन की दो बड़ी कार्यवाहियों से हड़कंप मच गया। एक तरफ कनकी-तरदा मुख्य मार्ग पर अवैध बेजा कब्जे हटाए गए तो दूसरी तरफ NH-130 पर सुतर्रा-जुरली के बीच 2 साल से अटका काम शुरू कराने के लिए 3 मकान जमींदोज कर दिए गए। दोनों जगह भारी पुलिस बल तैनात रहा और ग्रामीणों के विरोध के बाद भी प्रशासन ने सख्ती दिखाई। पहली कार्रवाई कनकी-तरदा मुख्य मार्ग पर हुई। बरपाली तहसीलदार सत्यपाल राय के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम पुलिस जवानों के साथ मौके पर पहुंची।
शिकायत थी कि इरिगेशन की सरकारी जमीन पर लोगों ने अवैध रूप से मकान और दुकान बना ली हैं। कई लोगों ने प्लाटिंग कर जमीन की हेराफेरी और खरीदी-बिक्री भी शुरू कर रखी है। इस मामले में पहले ही लगभग 85 घरों को नोटिस जारी किया जा चुका था। शुक्रवार सुबह टीम ने 3 मकानों और दुकानों को तोड़ दिया। इन्हें पहले भी नोटिस दिया गया था। कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने भारी विरोध किया। लोगों का आक्रोश बढ़ता देख तनाव की स्थिति बन गई। कानून व्यवस्था बिगड़ने के डर से प्रशासन ने कार्रवाई रोक दी। तहसीलदार सत्यपाल राय ने बताया कि विरोध के कारण काम रोका गया है। आने वाले दिनों में पुलिस बल और जिला प्रशासन के सहयोग से शेष अवैध कब्जों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी बड़ी कार्रवाई NH-130 पर सुतर्रा-जुरली के बीच हुई। यहां सड़क निर्माण का काम 2 साल से अटका था क्योंकि कुछ लोग मुआवजा कम मिलने का आरोप लगाकर घर खाली नहीं कर रहे थे। मामला कोर्ट में चल रहा था। एक हफ्ते पहले प्रभावितों को मुआवजा दे दिया गया, फिर भी मकान खाली नहीं हुए। इसके बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की और 3 मकान बुलडोजर से गिरा दिए। अब सड़क निर्माण का रुका हुआ काम फिर शुरू हो सकेगा। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि सरकारी जमीन और विकास कार्यों में बाधा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


