कोरबा : जिले के ढेलवाडीह क्षेत्र में सोमवार शाम को साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के ठेके पर लगी एक बोलेरो वाहन में अचानक आग लग गई, लेकिन चालक की सूझबूझ और समय पर बचाव के कारण वाहन में सवार सात महिलाएं सुरक्षित बच गईं। यह घटना शाम लगभग चार बजे हुई। जानकारी के अनुसार, बोलेरो नियो वाहन (क्रमांक सीजी 12 बीक्यू 2534) सिंघाली परियोजना में मैनेजर साधराम खुंटे के आवागमन के लिए ठेके पर लगी थी। सोमवार को वाहन में उनके परिवार की महिलाएं और अन्य सदस्य सवार होकर कहीं जा रहे थे।
घटना स्थल: ढेलवाडीह चौक से लगभग 500 मीटर आगे गोठान के पास पहुंचते ही वाहन से अचानक धुआं निकलने लगा। स्थिति भांपते हुए चालक ने तुरंत बोलेरो रोक दिया और सभी को बाहर निकालने का प्रयास किया। इसी दौरान वाहन के दरवाजे ऑटोमेटिक लॉक हो गए और खुल नहीं रहे थे। चालक ने तत्काल सूझबूझ दिखाते हुए एक दरवाजे को जोर से झटका देकर खोला और अंदर फंसी सभी महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सभी लोग वाहन से बाहर निकलते ही कुछ ही पलों में बोलेरो में आग तेजी से फैल गई और देखते ही देखते वाहन धू-धू कर जलने लगा। इस घटना में किसी को चोट नहीं आई और चालक की तत्परता के कारण बड़ा हादसा टल गया।
इस घटना ने यह संदेश दिया कि वाहन में सवार लोगों की सुरक्षा के लिए चालक की सतर्कता और त्वरित निर्णय कितना महत्वपूर्ण होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में वाहनों की नियमित जांच, इंजन, वायरिंग और इंधन प्रणाली की जांच जरूरी है ताकि इस तरह के हादसों से बचा जा सके। एसईसीएल के अधिकारियों ने भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए वाहन प्रबंधन में सुरक्षा मानकों और नियमित निरीक्षण को कड़ा किया जाएगा। इस घटना को लेकर स्थानीय प्रशासन ने भी नागरिकों को आग और गर्मी में वाहन सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है।


