कोरबा में बुजुर्ग ने काम से लौटने के बाद जहर का सेवन कर लिया। उसे आनन-फानन इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल दाखिल कराया गया, जहां दो दिनों तक चले उपचार के बाद उसकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी की तीन माह पहले मौत हुई थी, इसके बाद से वह गुमशुम रह रहा था। आशंका जताई जा रही है कि पत्नी के वियोग में उसने आत्मघाती कदम उठाया होगा। मामले में पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई उपरांत जांच शुरू कर दी है।
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उरगा थानांतर्गत ग्राम पताढ़ी में दुखीराम 66 वर्ष निवास करता था। वह रोजी मजदूरी कर जीविकोपार्जन करते आ रहा था। शनिवार को भी दुखीराम काम पर गया था, जहां से देर शाम घर लौटा। उसने नशे की हालत में जहर का सेवन कर लिया। उसकी हालत बिगड़ने पर परिजनों को जानकारी हुई। उन्होंने आनन फानन बुजुर्ग को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल दाखिल कराया, जहां रविवार की शाम उसकी मौत हो गई।
घटना को लेकर मृतक के पुत्र बसंत कुमार ने बताया कि उसकी मां का तीन माह पहले देहांत हो गया था, तब से उसके पिता गुमशुम रह रहे थे। संभवतः मां की मौत से हताशे में पिता ने आत्मघाती कदम उठाया होगा। दोनों बुजुर्ग हो चुके थे लेकिन अक्सर जब भी बातचीत होती थी तो यह बात जरूर कहते थे कि एक करने के बाद दूसरा भी जिंदा नहीं रह पाएंगे और ऐसा लगता है कि दोनों के बीच एक अटूट प्रेम था जिसके चलते मां की मौत के बाद पिता काफी दुखी हो गए थे और उसने यह आत्मघाती कदम उठाया है।
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जिला अस्पताल चौकी प्रभारी विश्व नारायण चौहान ने बताया मंगलवार को जिला मेडिकल कॉलेज से मिले मोमो के आधार पर परिजनों का बयान दर्ज किया गया है आगे की जांच कार्यवाही की जा रही है।


