कोरबा – परिवहन कार्यालय कोरबा इन दिनों सुर्खियों में है। जिला परिवहन अधिकारी विवेक सिन्हा की पोस्टिंग से कार्यालय में भ्रष्टाचार खुलेआम होने लगा है। यहां पर कार्य करने वाले अधिकारी एवं कर्मचारियों की मनमानी चरम पर है जिसकी कई बानगी भी सामने आई है। कार्यालय में सरकारी काम अब गैर सरकारी लोगों से कराई जा रही है।

ताजा मामला जिला परिवहन कार्यालय में पदस्थ इंस्पेक्टर अतुल तिवारी से जुड़ा हुआ है। अतुल तिवारी इंस्पेक्टर के पद पर पदस्थ है जिनके केबिन के अंदर में एक गैर कर्मचारी चंदन कुमार सरकारी कामकाजों को निपटा रहे हैं। इंस्पेक्टर अतुल तिवारी से पूछने पर वह चंदन को अपना ड्राइवर बताता है, वही चंदन भी अपने आप को इंस्पेक्टर का ड्राइवर होना बता रहा है, जबकि चंदन के लिए इंस्पेक्टर द्वारा अपने ही केबिन के अंदर एक टेबल कुर्सी लगाया गया है जिसमें वह आराम से बैठकर सरकारी कामकाज में दखल दे रहा है जिसकी पुष्टि भी हो रही है।

प्राप्त जानकारी अनुसार इंस्पेक्टर अतुल तिवारी कमरा नंबर दो पर बैठते हैं जो गाड़ियों का फिजिकल इंस्पेक्शन कर फाइल को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं। इंस्पेक्टर द्वारा अपने मौजूदगी में किसी गैर कर्मचारी चंदन जिसे अपना ड्राइवर बताते हैं उससे अपना सरकारी कामकाज को करा रहे हैं जो नियम विरुद्ध है जो कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कर्मचारी सिविल सेवा आचरण अधिनियम का खुला उल्लंघन भी है। चंदन द्वारा सरकारी फाइलों में कार्य करते हुए वीडियो भी सामने आए हैं। इस तरह की लापरवाही से यह स्पष्ट है कि जिला परिवहन कार्यालय प्रभारी डीटीओ सिन्हा से नहीं सम्हाल पा रहा है जिनको तत्काल हटाने की आवश्यकता है। वहीं ऐसे गैर जिम्मेदार अधिकारियों – कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की आवश्यकता नजर आ रही है।
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डीटीओ के खिलाफ होनी चाहिए कार्यवाही
जिला परिवहन अधिकारी विवेक सिन्हा लंबे समय से अतिरिक्त प्रभार पर कोरबा में डीटीओ के पद पर पदस्थ है जिनके प्रभार लेने के बाद से ही कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है। बिना अधिकारी संरक्षण के एक गैर कर्मचारी सरकारी कामकाज को कैसे कर सकता है? इस तरह एक गैर कर्मचारियों के द्वारा सरकारी कामकाज को करने से न सिर्फ विभाग की गोपनीयता भंग हो रही है बल्कि एक अधिकारी द्वारा अपने पद एवं अधिकार का दुरुपयोग करते हुए सरकारी निर्देशों को ठेंगा दिखाने का काम कर रहा है। ऐसे अधिकारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए और उन्हें जिले के बाहर का रास्ता दिखा देना चाहिए।
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चंदन कौन जो कर रहा है सरकारी काम?
इस पूरे मामले में चंदन कौन है? और किसके कहने पर इंस्पेक्टर के केबिन में चंदन के लिए टेबल और कुर्सी लगाई गई है जो हर दिन बैठकर सरकारी रजिस्टर में अपने हाथों से लेखा-जोखा का कार्य कर रहे हैं? और सरकारी कामकाज को निपटा रहे हैं। यही नहीं अधिकारी की मौजूदगी में भी वह सरकारी काम को कर रहा है जिसे इंस्पेक्टर द्वारा नजरअंदाज किया जा रहा है। ऐसे में इंस्पेक्टर द्वारा किसके कहने पर सरकारी काम को चंदन से कराया जा रहा है जांच होनी चाहिए और चंदन सहित जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
क्या चंदन के जरिए हो रही अवैध वसूली?
सूत्रों की माने तो चंदन को एक मुखौटा बनाकर इंस्पेक्टर द्वारा अपने केबिन के अंदर बैठाया गया है जो अधिकारी के लिए वसूली का कार्य करता है। सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि चंदन इंस्पेक्टर के कहने पर गाड़ियों का फिजिकल इंस्पेक्शन भी करता है। सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि वसूली की राशि एक ऐसे व्यक्ति तक पहुंचाई जाती है जो सीधे संबंधित अधिकारी के खाते में ट्रांसफर भी करता है। जल्द ही इसका भी खुलासा नाम सहित किया जाएगा।

शासन पर भारी पड़ रहा बाबूराज
जिला परिवहन कार्यालय में पदस्थ बाबू विकास ठाकुर और कथित एजेंट लालू का मामला अभी तक शांत नहीं हुआ है जिसमें जिला परिवहन अधिकारी विवेक सिन्हा की संलिप्तता है। ऐसे में यह भी कहा जा रहा है कि सरकारी निर्देश कुछ भी हो अधिकारी अपने पद एवं अधिकार का ऐसे ही दुरुपयोग करते रहेंगे और सरकारी कामकाजों में दखल देकर भ्रष्टाचार को अंजाम देते रहेंगे


