कोरबा – छत्तीसगढ़ प्रदेश में सुशासन सरकार चल रही है लेकिन कोरबा जिले में ठीक इसके विपरीत कार्य होता नजर आ रहा है। ताजा मामला जिला परिवहन कार्यालय कोरबा का है। इस कार्यालय के बाहर चारों तरफ अवैध कब्जा कर कथित एजेंटों ने परिवहन कार्यालय को ही घेर कर रख दिया है। ये कथित एजेंट के द्वारा अवैध रूप से शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर दर्जनों दुकान बना लिए है जहां पर हर रोज बैठकर परिवहन कार्यालय के कार्यों में अपनी दखल देते हुए अवैध तरीके से पैसे कमाने की जुगत में लगे रहते है।
CG- जिला परिवहन अधिकारी, शाखा प्रभारी, एजेंट सहित अन्य के खिलाफ हुई शिकायत

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हालांकि नगर पालिक निगम कोरबा में नए आयुक्त आशुतोष पांडेय के आने के बाद अवैध अतिक्रमण पर लगातार कार्रवाई की जारी है। लेकिन जिला परिवहन कार्यालय के सामने लंबे समय से अवैध कब्जाधारियों पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है। पूर्व में भी इन अवैध कब्जाधारियों को हटाने की कार्रवाई करने के लिए आदेश भी दे दिया गया था जो कि आज भी सरकारी कार्यालय की फाइल में दबा हुआ है।

परिवहन कार्यालय के बाहर अवैध रूप से संचालन कर रहे लोग कथित एजेंट बनकर परिवहन कार्यालय में कार्य करते हैं जो हर रोज कार्यालय के अंदर – बाहर नजर आते हैं जिसकी जानकारी जिला परिवहन अधिकारी के साथ-साथ सभी बाबुओं को भी है। सरकारी फीस के नाम पर अवैध कमाई तो मानो इनका पेशा बन गया है जिसके कारण आम जनता की जेब में हर दिन डांका डाला जा रहा है। इतना ही नहीं इन कथित एजेंट द्वारा ही फर्जी कार्यों को भी किया जा रहा है जिन्हें अधिकारी एवं कर्मचारियों की का खुला संरक्षण प्राप्त है।

शाम होते ही अवैध गतिविधियां हो जाती है शुरू?
शाम होते ही परिवहन कार्यालय बंद होने के बाद भी ये अपनी दुकानों को खोलकर रखते हैं। सूत्रों की माने तो कार्यालय खत्म होने के बाद अवैध कब्जा कर दुकान संचालन करने वाले कथित एजेट दुकानों के आसपास जमघट लगाकर बैठे रहते है जो कि कई सारे सवालों को जन्म देने लगा है। सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी प्राप्त हुई है कि रात्रि में अंधेरे का फायदा उठाते हुए कुछ लोगों के द्वारा शराबखोरी की जाती है।
हर रोज लगता है जाम, फिर भी नहीं हो रही कार्यवाही
परिवहन कार्यालय के पास ही पर्यावरण विभाग, न्यू एरा स्कूल, मत्स्य विभाग, आर.ई.एस. जैसे बड़े-बड़े कार्यालय संचालित है जहां लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में इन अवैध दुकानदारों के संचालन से कई बार आवागमन में भी लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई बार देखने को यह भी आया है कि जाम जैसी स्थिति निर्मित हो जाती है, लेकिन इस अव्यवस्था को ठीक करने किसी के द्वारा कोई ठोस पहल नहीं किया जा रहा है जबकि लगातार शिकायतें हो रही है।

जिम्मेदार बने मूकदर्शक?
जिला परिवहन कार्यालय के सामने जिस तरह से अवैध कब्जा कर दुकानों का निर्माण किया गया है तथा कथित एजेंट बनकर ये लोगों के द्वारा परिवहन कार्यालय के अंदर के कार्यों में दखल दिया जा है जिसकी जानकारी जिला परिवहन अधिकारी के साथ-साथ बाबू एवं कर्मचारियों को भी है, बावजूद इनके द्वारा ना तो इन्हें रोका जाता है और ना ही इनको हटाने के लिए कोई पहल की जारी है, मानो उनकी मौन स्वीकृति प्राप्त हो या यह कह सकते हैं कि ये जिम्मेदार मूकदर्शक बनकर केवल तमाशबिन बने हुए हैं।


