पटना: बिहार में NDA गठबंधन के भीतर लोकसभा सीटों के बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। हाल ही में, जनता दल (यूनाइटेड) के एक वरिष्ठ नेता ने मोतिहारी लोकसभा सीट पर अपनी दावेदारी ठोक दी है, जिससे गठबंधन में तनाव बढ़ने की आशंका है। इस नेता ने दावा किया है कि इस सीट पर जदयू का हक है और जनता ही तय करेगी कि कौन ‘रेस का घोड़ा’ है।
योग्यता को मिला सम्मान: UPSSSC के चयनित अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र
जदयू नेता ने ठोकी दावेदारी:
पिछले कुछ दिनों से मोतिहारी लोकसभा सीट को लेकर भाजपा और जदयू के बीच अंदरूनी विवाद चल रहा था। इस सीट पर भाजपा के मौजूदा सांसद हैं, लेकिन अब जदयू के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक ललन सिंह ने इस सीट पर अपनी दावेदारी का ऐलान कर दिया है। उन्होंने मोतिहारी में आयोजित एक जनसभा में कहा, “यह सीट पारंपरिक रूप से हमारी है और हम इसे किसी और को नहीं देंगे। जनता तय करेगी कि किसे यहां से चुनाव लड़ना चाहिए और कौन रेस का असली घोड़ा है।”
बयान के मायने:
ललन सिंह का यह बयान कई मायनों में महत्वपूर्ण है।
- सीट शेयरिंग पर दबाव: यह बयान साफ तौर पर भाजपा पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है। जदयू यह संदेश देना चाहती है कि वह सीटों के बंटवारे में झुकने को तैयार नहीं है।
- अंतर-पार्टी कलह: यह बयान यह भी दर्शाता है कि NDA के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। अलग-अलग पार्टियों के नेता अपनी-अपनी सीटों पर दावेदारी पेश कर रहे हैं, जिससे गठबंधन के सामने मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
- जनता का हवाला: नेता ने ‘जनता तय करेगी’ कहकर यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अगर उन्हें पार्टी टिकट नहीं मिला तो वे अपने समर्थकों के साथ कोई और रास्ता भी चुन सकते हैं, जो NDA के लिए नुकसानदेह होगा।
भाजपा की चुप्पी:
इस बयान पर अभी तक भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, पार्टी के भीतर इस पर मंथन चल रहा है। भाजपा नेता इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे यह अटकलें और तेज हो गई हैं कि गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं है।
बिहार में लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, ऐसे में मोतिहारी सीट पर जदयू की दावेदारी से NDA की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा और जदयू इस विवाद को कैसे सुलझाते हैं।


