वाराणसी। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी द्वारा वंदे मातरम और सुप्रीम कोर्ट को लेकर दिया गया विवादित बयान राजनीतिक हलकों में तूफान लाने लगा है। मदनी के बयान पर यूपी कांग्रेस और भाजपा के नेता खुलकर आमने-सामने आ गए हैं।
कांग्रेस के यूपी अध्यक्ष अजय राय ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र जनता की असल समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए जानबूझकर हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा बढ़ा रही है। उनका कहना है कि महंगाई और बेरोजगारी से घिरी जनता को गुमराह करने के लिए बार-बार धार्मिक विवाद उठाए जा रहे हैं।
वहीं भाजपा के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने मौलाना मदनी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद की वर्तमान समय में कोई प्रासंगिकता नहीं रह गई है। सुर्खियों में बने रहने के लिए इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य केवल विवाद पैदा करना है।
बड़े मुद्दे पर बढ़ी राजनीतिक गर्माहट
मदनी के बयान ने न केवल राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाजी शुरू कर दी है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी इस विषय को लेकर बहस तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और भी राजनीतिक रंग ले सकता है।


