कोरबा – जिला परिवहन कार्यालय में पदस्थ परिवहन निरीक्षक का अपने पद एवं अधिकार का दुरुपयोग करने का एक और मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि नए हैवी गुड्स व्हीकल का रजिस्ट्रेशन बिना गाड़ी देखे ही किया जा रहा है। गाड़ियों के फोटोग्राफ्स केवल व्हाट्सएप के जरिए मिल जा रहे हैं जिसको देखकर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ा दी जा रही है। वहीं पुराने गाड़ियों के नाम ट्रांसफर में भी खूब मनमानी की जा रही है।
परिवहन निरीक्षक अतुल तिवारी अपने अधिकारों को अवैध कमाई के जरिया बना लिया है यही कारण है कि बिना परिवहन कार्यालय में गाड़ी लाया ही सब कुछ कर दिया जा रहा है। सूत्रों से खबर मिल रही है कि इस काम के लिए एक एजेंट भी रखा हुआ है जिसके द्वारा प्रतिदिन रजिस्टर में आए हुए दस्तावेजों की एंट्री भी की जाती है और काम के अनुसार दाम भी बताया जाता है।
इसके अलावा ड्राइविंग लाइसेंस के परमानेंट में भी गड़बड़ी किया जा रहा है। किसी भी व्यक्ति के ड्राइविंग लाइसेंस परमानेंट करने के पूर्व उनके द्वारा चाहे गए दो पहिया, चार पहिया एवं हैवी गुड्स व्हीकल के लिए फिजिकल ट्रायल देना अनिवार्य है। लेकिन यह कार्य भी केवल कागजों में किया जा रहा है। जिम्मेदार ने इसे भी अपना कमाई का जरिया बना लिए हैं और बिना ट्रायल के ही लाइसेंस पास किया जा रहा है। इस तरह के भ्रष्टाचार से नए ड्राइविंग लाइसेंस धारकों के दक्षता पर भी सवाल उठने लगा है।
परिवहन निरीक्षक अतुल तिवारी की मनमानी इतनी चरम पर है कि सरकारी निर्देश को ठेंगा दिखाने में बिल्कुल भी नहीं चुप रहे हैं। बावजूद जिला परिवहन अधिकारी विवेक सिन्हा इनके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय इन्हें खुला संरक्षण दे रहे है, शायद यही कारण है कि शिकायत एवं समाचार के बाद भी भ्रष्टाचार कार्यालय में खुले आम चल रहा है।
अंतर्राज्यीय वाहनों के रजिस्ट्रेशन में हुई गड़बड़ियां?
सूत्रों की माने तो इस कार्यालय में इतने बड़े-बड़े कारनामे किए गए हैं जिसका खुलासा अगर कर दिया जाए तो कई अधिकारी जेल की सलाखों के पीछे नजर आएंगे। इनमें से कुछ अधिकारियों के ट्रांसफर हो चुके हैं तो वही कुछ अभी भी इसी कार्यालय में पदस्थ है जो अपने हरकतों से अब भी बाज नहीं आ रहे हैं और ऐसे मामलों को मौका देखते ही रुपयों की लालच में फाइलों को आगे बढ़कर भ्रष्टाचार करने वालों को लाभ पहुंचा रहे हैं। सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा अंतर्राज्यीय वाहनों के रजिस्ट्रेशन और नाम ट्रांसफर का है।
जिला परिवहन कार्यालय में अनाधिकृत लोगों का जमावड़ा, मूकदर्शक बना अधिकारी?
थाने में खड़ी गाड़ी का हो गया फिटनेस?
सूत्रों से जानकारी मिली है कि सड़क दुर्घटना में जप्त वाहन जिसमें एक व्यक्ति की हादसे में मौत हो गई थी जिस वाहन को पुलिस ने अपने अभीरक्षा में थाना परिसर में खड़ा कर कर रखा था, उस गाड़ी का भी एक होशियार कथित एजेंट ने चतुराई से शाखा प्रभारी, तत्कालीन परिवहन इंस्पेक्टर और तत्कालीन डी.टी.ओ. से मिलकर फर्जीवाड़ा करते हुए फिटनेस प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। इस मामले से संबंधित दस्तावेज इस बात को प्रमाणित कर रहा है। ऐसे और भी कई मामले सामने आएंगे जल्द ही खुलासा किया जाएगा।


