सक्ती – जिले में फर्जी रकबा पंजीयन कर शासन को लाखों रुपए की क्षति पहुंचाने का मामला फिर से सामने आया है। भोथिया सोसायटी में फर्जी रकबा पंजीयन कर अपने लोगों को लाभ पहुंचाने का मामला गरमाने लगा है। जानकारी अनुसार इस समिति में कई किसानों के द्वारा रकबा बढ़ाकर धान बिक्री किया गया था जिसमें समिति के प्रभारी संस्था अशोक चंद्रा के ऊपर गंभीर आरोप लगा था। इस पूरे मामले की नाम सहित लिखित शिकायत भी हुई थी लेकिन जांच को प्रभावित कर दिया गया।
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मामले में जांच नहीं होने को लेकर एक बार फिर से शिकायत करने की खबर सामने आ रही है। सूत्रों की माने तो सेवा सहकारी समिति भोथिया के प्रभारी संस्था प्रबंधक अशोक चंद्रा के संरक्षण में फर्जी रकबा का खेल लंबे समय से चला आ रहा है जिसके इशारों में ही यह सब कुछ हो रहा है। सूत्रों का यह भी कहना है कि बिना प्रभारी संस्था प्रबंधक के यह संभव भी नहीं है।
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पूर्व में जो शिकायत की गई थी उसमें दिनेश कुमार, केशव प्रसाद, जगदल सिंह, जलेश्वर, फिरत राम, मोहनलाल चंद्र और चेतन सिंह का नाम शामिल था। इन सभी के द्वारा विगत 4 वर्षों में पंजीयन कराए गए रकबा और विक्रय किए गए धान की मात्रा में अंतर नजर आ रही है। शिकायत की जांच के लिए नोडल अधिकारी माहेश्वरी तिवारी ने वरिष्ठ सहायक निरीक्षक रामावतार चौबे और ब्रांच मैनेजर बाराद्वार को जांच अधिकारी नियुक्त किया था। लेकिन जांच में क्या पाया गया यह अभी तक सार्वजनिक नहीं हो पाया है।
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जांच में राजस्व विभाग के तरफ से पटवारी द्वारा जो प्रतिवेदन दिया गया था वह भी सवालों के घेरे में है। क्या पटवारी ने इस मामले में किसानों के नाम पर पंजीकृत भूमि को सही होना बताया है या फिर रकबा में गड़बड़ी मिली है? यह सब फाइल में दबा दी गई है जिसे एक बार फिर जांच की जाएगी और सही गलत का जांच हो जाएगा। यदि पटवारी ने भी जांच में गड़बड़ी की है तो उसके खिलाफ भी शिकायत की जाएगी।
इस मामले को लेकर जब प्रभारी संस्था प्रबंधक अशोक चंद्रा से उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। आखिरकार संस्था प्रबंधक क्या छुपाना चाहते हैं? यह तो जांच में ही पता चलेगा। जल्द ही इस मामले की लिखित शिकायत करते हुए वृहद जांच की मांग की जाएगी।


