नई दिल्ली।’ महाराष्ट्र के नासिक में स्थित ओझर में एचएएल (हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड) ने ‘तेजस एमके 1ए’ फाइटर जेट का परीक्षण पूरा कर लिया है। वायुसेना के लिए तेजस विमान बना रही HAL को सितंबर में ही अमेरिका ने इसका चौथा इंजन भेजा था।
इसकी खूबियों में से एक है कि इसके पंखों में 9 जगह मिसाइलें फिट होती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक हर तेजस मार्क-1ए की औसत कीमत 600 करोड़ है। जबकि रफ्तार 2200 किमी/घंटा यानी ध्वनि से भी करीब दोगुनी तेज है।
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LCA मार्क 1A, तेजस एयरक्राफ्ट का एडवांस वर्जन है। इसमें अपग्रेडेड एवियॉनिक्स और रडार सिस्टम लगे हैं। LCA मार्क-1A के 65% से ज्यादा उपकरण भारत में बने हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में शुक्रवार को इसे वायुसेना को सौंपा जाएगा। इसका प्रोडक्शन देश की 500 से ज्यादा घरेलू कंपनियों ने मिलकर किया है, इसलिए इसे स्वदेशी तेजस भी कहा जा रहा है।


