नई दिल्ली आइजोल : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भारत-म्यांमार सीमा पर पहली बार पूर्वोत्तर के ड्रग कॉरिडोर और उससे जुड़े हवाला नेटवर्क का खुलासा किया। मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गुरुवार को मिजोरम के चंफाई और आइजोल के साथ-साथ असम के करीमगंज जिले के श्रीभूमि और गुजरात के अहमदाबाद में एक साथ छापेमारी की गई।
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यह ऑपरेशन मिजोरम पुलिस की उस FIR से जुड़ा है, जिसमें 4.724 किग्रा हेरोइन जब्त की गई थी, जिसकी कीमत 1.41 करोड़ रु. आंकी गई थी और 6 लोगों की गिरफ्तारी हुई। गिरफ्तार आरोपियों के पैसों की जांच से पता चला कि मिजोरम की कंपनियों और गुजरात की कंपनियों के बीच वित्तीय संबंध हैं।
ED के मुताबिक प्रीकर्सर रसायन भारत से मिजोरम के जरिए 1,643 किमी लंबी, भारत–म्यांमार सीमा पार कर म्यांमार पहुंचाए जाते हैं, जहां अवैध लैब्स में मेथाम्फेटामाइन तैयार होता है।
इसी चेन को चलाने के लिए असम, मिजोरम, नगालैंड, प. बंगाल, त्रिपुरा और दिल्ली में फैले हवाला ऑपरेटरों के खातों में 52.8 करोड़ के संदिग्ध क्रेडिट और नकद जमा पाए गए। पहली बार सीमा पर सीधे की गई इस छापेमारी में 35 लाख नकद, कई डिजिटल डिवाइस और दस्तावेज बरामद हुए हैं।


