बीजिंग/नई दिल्ली। गलवान घाटी में हिंसक झड़प के बाद पहली बार भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर चीन पहुंचे हैं। सोमवार को उन्होंने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से तियानजिन शहर में मुलाकात की। यह मुलाकात शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन के दौरान हुई।
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बातचीत में विदेश मंत्री जयशंकर ने चीन को साफ संदेश दिया कि भारत आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की नीति रखता है और चीन से भी इसी तरह के रुख की अपेक्षा करता है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जा सकती।
जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत और चीन के संबंधों में स्थिरता और विश्वास बहाल होना बेहद जरूरी है। इससे दोनों देशों के साथ-साथ पूरे विश्व को लाभ होगा।
गलवान हिंसा के बाद पहली उच्च स्तरीय बैठक
गौरतलब है कि जून 2020 में लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हुए थे। इसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में गहरा तनाव पैदा हो गया था। अब करीब 4 साल बाद यह दौरा और उच्च स्तरीय वार्ता हुई है।
तनाव कम करने पर भी चर्चा
सूत्रों के अनुसार, बैठक में सीमा पर शांति बहाल करने और व्यापारिक संबंधों को पटरी पर लाने पर भी चर्चा की गई। जयशंकर ने कहा कि सीमा पर यथास्थिति का सम्मान और सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया तेज करना जरूरी है।


