रायपुर : पूर्व मंत्री कवासी लखमा छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी बजट सत्र में शर्तों के साथ हिस्सा ले सकेंगे। उन्हें उच्च न्यायालय द्वारा अंतरिम जमानत मिलने के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सत्र में उनकी उपस्थिति की अनुमति कुछ स्पष्ट शर्तों के आधार पर दी है। बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू हो रहा है, जो 20 मार्च तक चलेगा।
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सत्र को लेकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस ली, जिसमें उन्होंने बताया कि 23 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण से सत्र की शुरुआत होगी, 24 फरवरी को वित्त मंत्री बजट पेश करेंगे और 25 फरवरी को अभिभाषण पर चर्चा होगी। साथ ही विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने जानकारी दी की शराब घोटाले मामले में एक साल बाद जेल से रिहा हुए पूर्व मंत्री कवासी लखमा भी बजट सत्र में हिस्सा लेंगे।
उन्होंने बताया कि विधानसभा की शर्तों के आधार पर कवासी लखमा बजट सत्र में हिस्सा लेंगे। उच्च न्यायालय द्वारा 3 फरवरी को कवासी को अंतरिम जमानत का लाभ दिया गया। जांच के दौरान याचिकाकर्ता के संबंध में उचित फैसला किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कवासी लखमा को 7 फरवरी को अभिमत मांगा गया और 2026 में अभिमत व्यक्त किया गया। कवासी लखमा को निम्न शर्तों के आधार पर भाग लेने की अनुमति प्रदान की गई है।
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कवासी लखमा को निम्न शर्तों के आधार पर भाग लेने की प्रदान की गई अनुमति
- आने और जाने की जानकारी विधानसभा सचिव को देनी होगी।
- वे अपने निवास क्षेत्र का दौरा नहीं करेंगे। कड़ाई से अपनी “नो स्पीच” का पालन करेंगे।
- उनकी उपस्थिति केवल सत्र में ही रहेगी। यदि उन्होंने इन नियमों का पालन नहीं किया, तो उनकी अनुमति तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी।
- बजट सत्र के अन्य विषयों की चर्चा में वे भाग ले सकते हैं, लेकिन अपने ऊपर चल रहे केस के संबंध में कोई चर्चा नहीं करेंगे।
- सदस्यों को इसकी जानकारी है और यह मामला न्यायालय में होने के कारण कोई भी इस पर चर्चा नहीं करेगा।


