सक्ती – जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है। महिला उप सरपंच ने फर्जी रकबा पंजीयन कर लाखों रुपए का धान बेच दिया है। बताया जा रहा है कि महिला ने अपने पद का फायदा उठाते हुए स्वयं के नाम पर फर्जी रकबा पंजीयन कर धान की कालाबाजारी की है। इतना ही नहीं अपने परिवार के अन्य सदस्य को भी फर्जी रकबा का लाभ पहुंचाया है। इस तरह एक जनप्रतिनिधि द्वारा सरकार को एक बड़ी आर्थिक क्षति पहुंचाई है।
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एक तरफ प्रदेश सरकार फर्जी धान खरीदी को रोकने पूरा प्रयास कर रही है। प्रदेश सरकार सभी जिले के कलेक्टरों को कड़े निर्देश देते हुए बोगस खरीदी पर निगरानी रखने और कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। कई जगहों पर जिला प्रशासन द्वारा कार्रवाई भी की जा रही है। लेकिन सक्ती जिले में जनप्रतिनिधि ही सरकार के इस सिस्टम को खुली चुनौती दे रही है जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण भी सामने आया है।
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एक जन प्रतिनिधि द्वारा जिस तरह से फर्जी रकबा पंजीयन कर धान की बिक्री की है, इससे यह तो स्पष्ट है कि उसने अपने पद का दुरुपयोग किया है। लेकिन इस तरह फर्जीवाड़ा कर उप सरपंच ने अपने पद को भी दाव पर लगा दिया है। सूत्रों की माने तो महिला उप सरपंच का पति ऐसे मामलों में सबसे ज्यादा सक्रिय रहता है।


