Employment Abroad नई दिल्ली। हैदराबाद के मोहम्मद अहमद का सपना था रूस जाकर निर्माण क्षेत्र में काम करना, लेकिन वह वहां रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच फंस गया। एक एजेंट के झांसे में आकर अप्रैल में रूस गया मोहम्मद को नौकरी नहीं मिली और उसे रूसी सेना में शामिल होने के लिए मजबूर कर दिया गया। वर्तमान में वह यूक्रेन की सीमा के पास युद्ध में लड़ रहा है। उसकी सुरक्षा को लेकर परिवार चिंतित है और सरकार से उसे जल्द वापस लाने की मांग कर रहा है।
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मोहम्मद ने बताया कि रूस पहुंचने पर उसे कोई काम नहीं मिला और उसे अनुबंध पर हस्ताक्षर कराकर सेना में भर्ती कर लिया गया। अब वह युद्ध क्षेत्र में गहराई तक भेजे जाने की आशंका जता रहा है। परिवार का कहना है कि विदेश में बेहतर भविष्य के लालच में मोहम्मद को धोखा दिया गया है।
सरकार और संबंधित विभागों से अनुरोध किया गया है कि ऐसे युवाओं की सुरक्षा और पुनः वापसी सुनिश्चित की जाए। इस घटना ने विदेश में रोजगार के नाम पर युवाओं को धोखा देने वाले एजेंटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जरूरत को भी उजागर किया है।


