कोरबा – जिला परिवहन कार्यालय में फिर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आज रविवार के दिन अवकाश होने के बावजूद जिला परिवहन कार्यालय खुली रही। मीडिया कर्मी के पहुंचे ही चपरासी ने ताला बंद कर दिया वहीं मीडिया कर्मी को खुद कार्यालय अंदर फाइल का काम करना बताया। चपरासी की बातों से ऐसा लग रहा है कि छुट्टी के दिन डीटीओ का चार्ज उन्हें दे दिया गया है। इस पूरे वाक्या ने एक बार फिर जिला परिवहन कार्यालय में चल रहे भ्रष्टाचार की पोल खोला है।
विगत कई दिनों से परिवहन कार्यालय कोरबा में कथित एजेंट, कार्यालय में पदस्थ बाबुओं और परिवहन इंस्पेक्टर की मनमानी देखने को मिल रही है। अब निजी तौर पर रखे गए चपरासी की भी हरकतें सामने आई है जो परिवहन कार्यालय में जिम्मेदार अधिकारी के गैर मौजूदगी में फाइल का काम करना बता रहा है।

इसके पहले भी परिवहन इंस्पेक्टर अतुल तिवारी के कमरे में कथित ड्राइवर चंदन के द्वारा सरकारी कामकाज करते हुए वीडियो वायरल हुआ था जिसकी पुष्टि होने के बाद भी डी.टी.ओ. विवेक सिन्हा ने चंदन कौन है? इस बात से इनकार कर दिया है।
जिला परिवहन कार्यालय में चंदन कौन डीटीओ को पता नहीं, तथाकथित पत्रकार कौन?
इस तरह के मामलों की लगातार पुनरावृत्ति होने से इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि सबकुछ जिला परिवहन अधिकारी के संरक्षण में चल रहे हैं और वह जानकर भी अंजान बने हुए हैं। इसके पीछे की मंशा क्या है यह तो स्पष्ट नहीं है।लेकिन सूत्रों का कहना है कि अवैध कमाई के लिए इस तरह का सिंडिकेट चलाया जा रहा है।

चपरासी ने छुट्टी के दिन किसके कहने पर खोला कार्यालय
परिवहन कार्यालय में निजी रूप से रखे गए चपरासी बड़े के द्वारा आज भी छुट्टी के दिन परिवहन कार्यालय को खोलकर रखा गया और खुद भी फाइल का काम करने की बात कह रहा है। ऐसे में निजी तौर पर रखे गए चपरासी को छुट्टी के दिन किसके द्वारा कार्यालय खोलने के लिए कहा गया था? और किसके कहने पर फाइलों का काम किया जा रहा था? इस बात की खबर किसको थी? ये बड़ा सवाल हैं, इसकी जांच होनी चाहिए और क्या यह ऐसे कार्यों के लिए अधिकृत है? और अधिकृत है तो किसके द्वारा अधिकृत किया गया है? इसकी भी जांच की जानी चाहिए।

फाइल लेकर चंदन के पास जा रहा चपरासी?
लगातार खबर प्रकाशन के बाद चंदन को कार्यालय के अंदर बैठने में दिक्कतें होनी शुरू हो गई है इसलिए अब चंदन कथित एजेंट के दुकान पर बैठकर परिवहन इंस्पेक्टर का काम निपटा रहा है। सूत्रों से जानकारी मिली है कि परिवहन इंस्पेक्टर अतुल तिवारी के द्वारा चपरासी बड़े को फाइल चंदन तक पहुंचाने के लिए दिया जाता है जिसकी तस्वीर भी सामने आई है। इस तरह के सिंडिकेट पर आखिरकार जिला पदाधिकारी की नजर क्यों नहीं पड़ रही है बड़ा सवाल है?

छुट्टी के दिन भी खुली रही दो दुकान
अक्सर देखने में यह आया है कि अवकाश के दिन भी परिवहन कार्यालय के सामने अवैध रूप से संचालित कथित एजेंटों की दुकानें खुली रहती है। आज रविवार को भी दो दुकानें खुली हुई मिली जिसमें से एक दुकान लालू राठौर का और दूसरा दुकान अश्वनी का बताया जा रहा है। ये दोनों दुकान संचालक कार्यालय अंदर बाबू के सबसे चहेते में से एक है जिनकी दखल कार्यालय के कामों में भी देखने को मिलती रहती है। शायद यही कारण है की छुट्टी के दिन में भी यह अपनी दुकान खोल कर रखे रहते हैं। यही नहीं कार्यालयीन समय के पश्चात भी देर रात तक उनकी दुकान खुली रहती है जिसकी वीडियो और फोटो भी सामने आई है।

अवैध अतिक्रमण के खिलाफ जल्द होगी शिकायत
कथित एजेंटों के द्वारा परिवहन कार्यालय के बाहर चारों ओर अवैध दुकानें बनाकर कार्यालय को पूरी तरह से घेर दिया गया है। इन दुकान के संचालकों के द्वारा आम लोगों को जबरन परेशान किया जाता है और उनसे ही काम कराने का दबाव भी बनाया जाता है। इसके अलावा कार्यालय में बैठे बाबू भी इन दुकानदारों को सहयोग करते हैं। सामान्य तौर पर इन दुकानों के बनने से कार्यालय नजर नहीं आता है। आसपास में सरकारी कार्यालय एवं स्कूल संचालित होने के कारण ट्रैफिक की समस्या बनी रहती है जिसके कारण जाम भी लग जाते हैं। जल्द ही इन दुकानों को हटाने के लिए कलेक्टर एवं कमिश्नर से शिकायत दर्ज कराई जाएगी।


