नई दिल्ली, 2 अगस्त 2025। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद भारतीयों के निर्वासन में तेज़ी से वृद्धि हुई है। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2025 से जुलाई 2025 के बीच 1,703 भारतीय नागरिकों को अमेरिका से निर्वासित किया गया, जो पिछले वर्षों की तुलना में दोगुनी दर से ज्यादा है।
जहां 2020 से 2024 के बीच प्रतिदिन औसतन 3 भारतीयों को अमेरिका से वापस भेजा जाता था, वहीं 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर प्रतिदिन 8 तक पहुंच गया है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि जनवरी 2020 से जुलाई 2025 के बीच कुल 7,244 भारतीय नागरिकों को विभिन्न कारणों से अमेरिका से बाहर निकाला गया, जिनमें से लगभग एक चौथाई (1,703) ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद हुए।
ट्रंप प्रशासन की कड़ी आव्रजन नीति
डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में लौटने के साथ ही अमेरिका की आव्रजन नीति पहले से कहीं ज्यादा सख्त हो गई है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, अब वीजा धारकों की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे सभी अमेरिकी कानूनों और नियमों का पालन कर रहे हैं। जो भी इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, उसका वीजा रद्द कर उसे तत्काल देश से बाहर कर दिया जाता है।
कैसे हुई भारतीयों की वापसी?
विदेश मंत्रालय की जानकारी के मुताबिक, 2025 में निर्वासित किए गए 1,703 भारतीयों में से 864 को चार्टर और सैन्य उड़ानों के जरिए भारत भेजा गया।
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5, 15 और 16 फरवरी को अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (CBP) द्वारा 333 भारतीयों को वापस भेजा गया।
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19 मार्च, 8 जून और 25 जून को अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) द्वारा चार्टर फ्लाइट्स के जरिए 231 भारतीयों को निर्वासित किया गया।


