Colonel Sophia , नई दिल्ली। भारतीय सेना की कर्नल सोफिया क़ाज़ी ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत की आत्मनिर्भरता (Atmanirbhar Bharat) की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने इसे देश की तकनीकी और रणनीतिक क्षमता का जीवंत उदाहरण बताया।कर्नल सोफिया का यह बयान उस समय आया है जब भारत रक्षा क्षेत्र में तेजी से स्वदेशीकरण और डिजिटल युद्ध क्षमता बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
“अब जंग सिर्फ बंदूकों से नहीं, डेटा और तकनीक से भी होगी”
कर्नल सोफिया ने कहा —
“अब युद्ध का स्वरूप बदल चुका है। जंग बंकरों या गोलियों से ही नहीं, बल्कि बाइट्स, बैंडविड्थ और डिजिटल इंटेलिजेंस से भी लड़ी जाएगी।”
उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया है कि भारत अब किसी भी आधुनिक डिजिटल या टेक्नोलॉजिकल युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है।
ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारतीय रक्षा तंत्र की एक गोपनीय रणनीतिक परियोजना है, जिसे देश की टेक्नोलॉजिकल डिफेंस यूनिट्स ने विकसित किया है। इसका उद्देश्य है —
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साइबर युद्ध की स्थिति में त्वरित जवाब देना,
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सूचना सुरक्षा को मजबूत बनाना,
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और सैटेलाइट-आधारित कम्युनिकेशन को आत्मनिर्भर बनाना।
महिलाओं की भूमिका पर भी दिया जोर
कर्नल सोफिया ने कहा कि भारतीय सेना में महिलाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है और अब महिलाएं भी टेक्नोलॉजिकल मिशनों में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में महिला अधिकारियों का योगदान गर्व का विषय है।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम
कर्नल सोफिया ने बताया कि भारत अब रक्षा उपकरणों और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा –
“ऑपरेशन सिंदूर इस बात का सबूत है कि भारत अब डिजिटल युग की जंग में भी किसी पर निर्भर नहीं रहेगा।”
वैश्विक मंच पर भारत की साख में इज़ाफा
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता से भारत की वैश्विक सैन्य छवि और टेक्नोलॉजिकल पहचान और मजबूत हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत की रक्षा नीति में एक गेम चेंजर परियोजना साबित हो सकती है।


