कोरबा कुसमुंडा खदान में नीलकंठ कंपनी के मनमाने रवैये और श्रमिकों के साथ हो रहे अन्याय के विरोध में सोमवार को छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना (गैर-राजनीतिक संगठन) ने जोरदार प्रदर्शन किया। कंपनी प्रबंधन एवं HR के उदासीन व्यवहार से नाराज संगठन पदाधिकारियों और ड्राइवर संघ के सदस्यों ने HR का पुतला दहन कर आक्रोश व्यक्त किया।
प्रदर्शन के दौरान संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। प्रमुख रूप से प्रदेश अध्यक्ष भैया दिलीप, प्रदेश संगठन मंत्री भैया उमा गोपाल, जिला संयोजक अतुल दास महंत, सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं ड्राइवर संघ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रदर्शन के उपरांत एसईसीएल जीएम कार्यालय में त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की गई, जिसमें नीलकंठ कंपनी के प्रतिनिधि, जिला एवं पुलिस प्रशासन, एसईसीएल प्रबंधन, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के पदाधिकारी, ड्राइवर भाई तथा भू-विस्थापित प्रतिनिधि शामिल हुए। वार्ता के दौरान संगठन की मांगों पर विस्तृत चर्चा हुई और कई बिंदुओं पर सकारात्मक पहल करने पर सहमति बनी। हालांकि संगठन ने स्पष्ट कहा कि यदि आगामी 7 दिनों के भीतर कंपनी और प्रबंधन द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तो नीलकंठ कंपनी का ताला बंद आंदोलन शुरू किया जाएगा।छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने कहा कि स्थानीय श्रमिकों और भू-विस्थापितों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने HR मुकेश सिंह का पुतला दहन और मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव किया।
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SECL (दक्षिण पूर्वी कोयला क्षेत्र) के अधीन ठेका कंपनी नीलकंठ के HR मुकेश सिंह के खिलाफ तीव्र विरोध प्रदर्शन किया। संगठन ने मुकेश सिंह का पुतला दहन किया और हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने एक विशाल रैली निकालकर SECL मुख्य महाप्रबंधक के कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान ‘इंकलाब जिंदाबाद’ और ‘छत्तीसगढ़िया हक जिंदाबाद’ जैसे नारों से पूरा कार्यालय परिसर गुंजायमान हो गया। यह प्रदर्शन स्थानीय अधिकारों, रोजगार और कोयला क्षेत्र में छत्तीसगढ़िया युवाओं के हितों की रक्षा के लिए किया गया।
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स्थानीय छत्तीसगढ़िया युवाओं को प्राथमिकता न मिलने से क्षेत्रीय असंतोष बढ़ रहा है। प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने बैनर और पोस्टर के माध्यम से अपनी मांगें रखीं, जिसमें HR मुकेश सिंह के खिलाफ कार्रवाई, स्थानीय भर्ती कोटा बढ़ाना और छत्तीसगढ़िया अधिकारों की रक्षा शामिल है।


