Bombay High Court ने अपने एक फैसले में वाहन दुर्घटना के बारे में कहा कि दुर्घटना के मुआवजे के लिए जरूरी नहीं कि दूसरा वाहन भी अनिवार्य हो, बाइक से फिसलकर गिरना भी दुर्घटना ही माना जाएगा। ऐसी स्थिति में भी पीड़ित को मोटर वाहन अधिनियम के तहत मुआवजा पाने का अधिकार है।
कोर्ट में मामला आया था जिसमें एक महिला मोटरसाइकिल से गिर गई और वही उसकी मौत हो गई थी। महिला की साड़ी बाइक की चैन में फंसी, जिससे बाइक फिसल गई और महिला सड़क पर गिर गई। महिला के सिर पर गंभीर चोट लग गई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला की मौत हो गई।
मृतका के पति ने मुआवजे के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन मोटर एक्सीडेंट्स क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) ने मुआवजे के लिए इनकार कर दिया था, वजह थी कि हादसे में कोई दूसरा वाहन शामिल नहीं था इसलिए यह दुर्घटना नहीं मानी जा सकती है। हालांकि बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस फैसले को ख़ारिज कर दिया है।


