झांसी: बबीना से विधायक राजीव सिंह पारीछा ने Bundelkhand Industrial Development Authority (BIDA) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन औद्योगिक परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की गई, लेकिन मुआवजा अब तक किसानों तक नहीं पहुंचा।
विधायक राजीव सिंह का कहना है कि BIDA के अधिकारी और दलाल मिलकर किसानों से वसूली कर रहे हैं। किसानों को मुआवजा दिलाने के नाम पर उन्हें दबाव में रखा जा रहा है और अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह स्थिति नहीं सुधरी, तो वे विधानसभा और जनसमूह के माध्यम से इस मुद्दे को उठाएंगे। विधायक ने यह भी कहा कि यह न केवल किसानों के हितों के खिलाफ है, बल्कि क्षेत्रीय विकास की छवि पर भी असर डालता है।
किसानों की प्रतिक्रिया: प्रभावित किसानों ने भी MLA के आरोपों को सही ठहराया और कहा कि लंबे समय से उन्हें मुआवजा नहीं मिला है। उनका कहना है कि अधिकारी और दलाल लगातार फोन और दौरे के जरिए अतिरिक्त पैसे की मांग कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में जमीन अधिग्रहण और मुआवजा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना जरूरी है। यदि अधिकारी और दलाल मिलकर अवैध वसूली कर रहे हैं, तो यह गंभीर कानूनी अपराध माना जाएगा।


