कोरबा: हफ्ते में 5 दिन काम की व्यवस्था को लागू करने की मांग को लेकर बैंकर्स मंगलवार को हड़ताल पर रहे. हड़ताल की घोषणा बैंक यूनियन ने पहले ही कर दी थी. जिसके बाद 27 जनवरी को सभी राष्ट्रीयकृत बैंक के कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर हैं. इस हड़ताल का असर निजी बैंक के कामकाज पर भी पड़ा है. एसबीआई ही कैश प्रदान करने के लिए चेस्ट बैंक होता है. जिसके कारण कैश का वितरण नहीं हो सका, इस वजह से बैंकिंग के सभी तरह के काम मंगलवार को ठप रहे.
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सरकार फाइव डे वर्किंग का वादा पूरा करे
बैंकर्स की सिर्फ एक मांग है, जिसके कारण वह एक दिन की हड़ताल पर हैं. बैंकर्स हफ्ते में 5 दिन काम करने की व्यवस्था को लागू करवाना चाहते हैं. उनका कहना है कि सरकार ने वादा किया था. जिसे पूरा किया जाना चाहिए.
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पूर्व निर्धारित योजना के तहत हड़ताल, काम प्रभावित
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस 9 यूनियनों की मुख संगठन है. 23 जनवरी को यूनियन ने पांच दिन के वर्क वीक की मांग को लेकर लेबर कमिश्नर स्तर के अधिकारियों के साथ बैठक की थी. इस बैठक का कोई हल नहीं निकला था. जिसके बाद देशव्यापी आंदोलन के रणनीति बनी.


