बिलासपुर – छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सरकंडा क्षेत्र में साइबर ठगों ने आईडीएफसी बैंक के एक कर्मचारी को निशाना बनाते हुए महज 20 मिनट में करीब 2 लाख रुपए पार कर दिए। चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़ित के पास संबंधित बैंक का कोई क्रेडिट कार्ड नहीं था, फिर भी रकम ‘क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट’ के नाम पर कट गई।
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लंच ब्रेक के दौरान हुआ ट्रांजेक्शन
अशोकनगर खमतराई निवासी राजाराम साहू, जो IDFC First Bank के लोन डिपार्टमेंट में पदस्थ हैं, ने बताया कि 14 जनवरी को उनके मित्र कामता प्रसाद कश्यप ने लोन क्लोज करने के लिए IndusInd Bank खाते में 2 लाख रुपए कैश ट्रांसफर किए थे। उस समय वे लंच पर थे। करीब 20 मिनट बाद शाम 4:36 बजे जब उन्होंने मोबाइल पेमेंट ऐप पर खाता चेक किया, तो 1,98,000 रुपए किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट के नाम पर ट्रांसफर किए जा चुके थे। इसके तुरंत बाद 2,000 रुपए आकाश कुमार नामक व्यक्ति के खाते में डेबिट हो गए। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने कभी कोई क्रेडिट कार्ड जारी नहीं कराया, ऐसे में यह ट्रांजेक्शन कैसे हुआ, यह समझ से परे है। आशंका जताई जा रही है कि साइबर ठगों ने किसी फर्जी या क्लोन कार्ड के माध्यम से रकम ट्रांसफर की हो सकती है।
पुलिस और साइबर सेल जांच में जुटी
शिकायत के बाद सरकंडा पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने साइबर सेल से तकनीकी प्रतिवेदन मांगा है और संबंधित खातों को होल्ड करने के लिए बैंक को अनुरोध भेजा है। प्राथमिक जांच में ठगी की पुष्टि होने के बाद पुलिस अब उस क्रेडिट कार्ड और ट्रांसफर किए गए बैंक खातों की पूरी जानकारी जुटाने में लगी है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।


