नई दिल्ली, 1 अगस्त 2025 // बांग्लादेश के एक विवादित नक्शे को लेकर भारत में राजनीतिक और कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। विवादित नक्शे में भारत के 7 राज्यों – पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा, बिहार, झारखंड और ओडिशा के हिस्सों को बांग्लादेश का हिस्सा दिखाया गया है।
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इस गंभीर मुद्दे को कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने गुरुवार को राज्यसभा में उठाया और सरकार से जवाब मांगा।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस पर लिखित जवाब में कहा कि सरकार पूरी तरह से सतर्क है और इस तरह के प्रोपेगेंडा का कड़ा जवाब देने को तैयार है।
क्या है पूरा मामला?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह विवादित नक्शा 14 अप्रैल 2025 को ढाका यूनिवर्सिटी में एक प्रदर्शनी के दौरान लगाया गया था। इसे इस्लामिक समूह ‘सल्तनत-ए-बांग्ला’ ने तैयार किया है।
इस संगठन को तुर्की की NGO ‘तुर्की यूथ फेडरेशन’ का समर्थन प्राप्त है। बताया जा रहा है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस के कार्यकाल के बाद तुर्की और बांग्लादेश के रिश्तों में तेजी आई है। तुर्की के NGO की गतिविधियों और सैन्य सहयोग में भी बढ़ोतरी हुई है।


