नई दिल्ली। भारत के पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के पूर्व नॉर्थ जोन रीजनल डायरेक्टर केके मुहम्मद ने मुसलमानों से यह अपील की है कि वे दो ऐतिहासिक स्थानों— मथुरा और ज्ञानवापी —हिंदू समुदाय को सौंप दें। उन्होंने कहा कि ये स्थल हिंदू धर्म के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इन पर भव्य हिंदू मंदिर बनाए जा सकते हैं।
न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में केके मुहम्मद ने कहा कि मथुरा, जो भगवान कृष्ण का जन्मस्थान है, और ज्ञानवापी, जो भगवान शिव से जुड़ी है, हिंदुओं के लिए उतने ही पवित्र हैं जितने मक्का और मदीना मुसलमानों के लिए हैं।
पूर्व डायरेक्टर ने यह भी सुझाव दिया कि हिंदू समुदाय को अयोध्या, वाराणसी और मथुरा के अलावा अन्य मस्जिदों के पीछे विवाद नहीं करना चाहिए। उनका कहना है कि दोनों समुदायों के नेताओं को कुछ शर्तों पर सहमति बनानी चाहिए, ताकि धार्मिक और सामाजिक सौहार्द बना रहे।
केके मुहम्मद का परिचय:
केके मुहम्मद ने 2012 में ASI के नॉर्थ जोन से रिटायरमेंट लिया। वे 1976 में बीबी लाल की टीम का हिस्सा थे, जिसने बाबरी मस्जिद की खुदाई की थी। उनके अनुभव और पुरातात्विक दृष्टिकोण के कारण उनका यह सुझाव मीडिया और सामाजिक मंचों पर चर्चा का विषय बन गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे सुझाव संवेदनशील मुद्दों को लेकर सामुदायिक संवाद और समझ बढ़ाने की दिशा में सहायक हो सकते हैं, बशर्ते दोनों समुदाय खुले मन से बातचीत करें।


