बेमेतरा : जिले के साजा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 11वीं कक्षा का एक छात्र अस्पताल परिसर में इंजेक्शन निकालते और भरते हुए देखा गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और इसे लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। मामले की जानकारी देते हुए बीएमओ ने बताया कि छात्र अपने हेल्थ टीचर के साथ स्कूल से अस्पताल निरीक्षण के लिए आए थे। उन्हें केवल निरीक्षण के उद्देश्य से अनुमति दी गई थी, न कि मरीजों पर कोई चिकित्सकीय कार्य करने के लिए। स्वास्थ्य इंजेक्शन लगाना एक जिम्मेदारी भरा काम है, जिसे केवल प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ या चिकित्सा कर्मियों द्वारा ही किया जाना चाहिए। किसी छात्र को यह कार्य करने देना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
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खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अश्विनी वर्मा ने बताया कि छात्र अपने हेल्थ टीचर के साथ केवल अस्पताल की प्रक्रियाओं और उपचार प्रणाली का निरीक्षण करने आए थे। सभी स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि छात्र मरीजों से दूरी बनाए रखें और उन्हें केवल जानकारी दी जाए। किसी प्रकार का सक्रिय उपचार कार्य छात्र से न कराया जाए। स्थानीय लोग इस घटना को गंभीर मान रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस तरह की लापरवाही पर रोक नहीं लगाई गई, तो भविष्य में बड़ी सुरक्षा दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा सबसे अहम है और इसमें किसी भी तरह की चूक मंजूर नहीं है। स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ ने भी कहा कि छात्र केवल शैक्षिक निरीक्षण के लिए आए थे। लेकिन वीडियो वायरल होने से लोगों में गलत धारणाएँ बन गई हैं।


