सक्ती : छत्तीसगढ़ के सक्ती जिला में मैट्रिमोनी ऐप के जरिए लाखों की ठगी का मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी युवक ने भारतीय मैट्रिमोनी ऐप ‘जीवन साथी’ का इस्तेमाल कर सक्ती की एक महिला से पहले पहचान बनाई और फिर शादी का झांसा देकर उससे लाखों रुपये ऐंठ लिए। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी युवक को कानपुर से गिरफ्तार किया और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने 9 मार्च को सक्ती थाना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में पीड़िता ने बताया कि गंगापुर कॉलोनी, कानपुर निवासी अंकित तिवारी (33 वर्ष) ने जीवन साथी ऐप के माध्यम से उससे संपर्क किया और उसे पत्नी बनने का झांसा दिया। विश्वास में लेने के लिए आरोपी ने वीडियो कॉल करवाई और महिला को शादी का आश्वासन भी दिया।
वीडियो कॉल के दौरान आरोपी ने महिला की व्यक्तिगत बातें रिकॉर्ड कर लीं। इसके बाद उसने अलग-अलग बहानों से पीड़िता से पैसे मांगना शुरू किया। कभी नौकरी पर खतरे का डर दिखाया, कभी तबियत खराब होने का बहाना बनाया। इस तरह से 8 से 9 लाख रुपये आरोपी ने महिला से ऐंठ लिए। इसके बाद भी आरोपी ने और अधिक रुपए की मांग शुरू कर दी। जब पीड़िता ने पैसे की कमी बताई, तो आरोपी ने रिकॉर्डिंग और स्क्रीनशॉट को वायरल करने की धमकी दी। डर के कारण पीड़िता ने अपनी शिकायत सक्ती थाना में दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस टीम ने अंकित तिवारी की तलाश शुरू की और कानपुर भेजी गई। पुलिस ने आरोपी अंकित तिवारी, पिता स्व. देव नारायण तिवारी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले में FIR दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ विधिवत कार्रवाई की जा रही है और जांच जारी है। ऑनलाइन मैट्रिमोनी ऐप के माध्यम से शादी का झांसा देकर ठगी करना अब आम होता जा रहा है।
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ऐसे मामलों में लोग विश्वास में आकर आर्थिक नुकसान झेलते हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन संबंध में तुरंत विश्वास न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि डिजिटल माध्यम से लोगों की भावनाओं का फायदा उठाकर ठगी करना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में आरोपी को कठोर सजा मिलनी चाहिए। सक्ती पुलिस ने यह स्पष्ट किया कि ऐसे साइबर अपराध, ठगी और ब्लैकमेल के मामलों में सतर्कता बहुत जरूरी है। आरोपी की गिरफ्तारी से न केवल पीड़िता को न्याय मिलेगा, बल्कि भविष्य में ऐसे अपराधों की रोकथाम में भी मदद मिलेगी। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने ठगी के लिए ऐप का गलत उपयोग किया और पीड़िता को डराने-धमकाने की रणनीति अपनाई। मामले की गहन जांच की जा रही है, और जांच में आरोपी के अन्य संभावित सहयोगियों और ठगी की राशि की ट्रैकिंग की जा रही है। यह घटना सक्ती जिले में साइबर ठगी और ऑनलाइन शादी का झांसा देकर आर्थिक लाभ लेने वाले अपराधियों के लिए चेतावनी का संदेश है। पुलिस और प्रशासन ने सतर्क रहने और समय पर कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।


