कोरबा – SECL कुसमुंडा प्रबंध एक बार फिर से सुर्खियों में है। प्रबंधन की मनमानी अब कर्मचारियों के लिए जानलेवा साबित होती हुई नजर आ रही है जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण भी सामने आया है।
SECL कुसमुंडा में तानाजी की तानाशाही चरम पर है, अधिकारी अपने पद और अधिकार का दुरुपयोग कर कर्मचारियों की सुविधा और सुरक्षा में पक्षपात कर रहे है। जहां कुसमुंडा प्रबंधन द्वारा AGM सहित पूरे अधिकारियों के लिए नई – नई लक्जरी कार की सुविधा दी गई है तो वहीं कर्मचारियों को लगभग 14 साल पुरानी कंडम बस देकर उनके जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस मामले ने एक बार फिर AGM कुसमुंडा सहित उनके मातहत टीम पर सवाल खड़े करते नजर आ रही हैं।

आपको बता दे SECL कुसमुंडा प्रबंधन द्वारा खदान के अंदर सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए कर्मचारियों के वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है और कर्मचारियों को लाने एवं ले जाने के लिए बस लगाया गया है जो कि लगभग 14 साल पुरानी हो चुकी है जिसमें सवार होकर कर्मचारी खदान आने-जाने को मजबूर है।

खदान के अंदर 14 साल पुरानी कंडम बस के चलने को लेकर बस के लिए जारी टेंडर, ठेकेदार, बस की परमिट, फिटनेस, जिम्मेदार विभाग के अधिकारी और सुरक्षा अधिकारी की कार्यशैली सभी पर सवाल खड़े होने शुरू चुके है। सूत्रों की माने तो इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारी द्वारा अपने चहेते ठेकेदार को उपकृत करने सब कुछ किया जा रहा है जिसमें कुसमुंडा प्रबंधन के मुखिया की भी मिलीभगत बताई जा रही है।
पूर्व में इस बस का एक वीडियो भी सामने आया था जिसमें कर्मचारी बस के अंदर बैठे हुए थे और पानी भी टपक रहा था। कर्मचारी हित एवं उनकी जान – माल की सुरक्षा को लेकर इसकी लिखित शिकायत कुसमुंडा एजीएम सचिन तानाजी पाटिल से की गई थी जिसमें बस के परिचालन, अनुमति, परमिट, फिटनेस और टेंडर में जारी नियम और निर्देशों के परिपालन को लेकर जांच करते हुए कार्यवाही कहने मांग भी किया गया था लेकिन शिकायत को फ़ाइलों में दबा कर रख दिया गया।
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इस पूरे मामले में कुसमुंडा प्रबंधन की घोर लापरवाही दिख रही है जिसमें अब सवाल उठने शुरू हो गए हैं। सवाल यह है कि कुसमुंडा खदान में AGM सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारी अपने कार्यों के लिए जब लग्जरी इनोवा, बोलोरो, स्कॉर्पियो जैसी गाड़ियां जो 3 साल से अधिक पुरानी ना हो ऐसी गाड़ियों को अपने लिए चलाने के लिए अधिग्रहण कर रहे हैं तो वहीं कर्मचारियों की जान को जोखिम में डालने 14 साल की पुरानी कंडम बस किसके कहने पर खदान में चलाई जा रही है? क्या इससे कर्मचारियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा रहा है? क्या अधिकारी अपने चहेते ठेकेदार को उपकृत करने की मंशा से यह सब कर रहे हैं जिसमें एजीएम पाटिल की भी मौन स्वीकृति है?

आप देख सकते हैं यह कुसमुंडा कार्यालय के बाहर की तस्वीर है जहां पर AGM सचिन तानाजी पाटील के लिए चमचमाती इनोवा कार CG 12 BL 9999 खड़ी है जिसमें सफेद पट्टी लगा हुआ है जो कि पूरी तरह से गलत हैं उसमें आना-जाना करते हैं।

अब दूसरी तस्वीर को भी गौर से देखिए, यह लगभग 14 साल पुरानी कबाड़ कंडम बस है जिसमें बरसात के समय अंदर में पानी टपक रहा था जो खदान के अंदर कर्मचारियों को लाने एवं ले जाने के लिए चल रही है। इस बस का टेंडर, कार्य आदेश, नियम एवं शर्तें, फिजिकल फिटनेस एवं परमिट सब कुछ जांच का विषय है जिसकी लिखित शिकायत भी हो चुकी है फिर भी जांच नहीं हो रही है। क्या सब माया के खेल में अंधे हो चुके हैं?
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दोनों ही तस्वीर इस बात को स्पष्ट कर रही है कि कुसमुंडा खदान में अधिकारी राज कायम है और तानाजी का तानाशाह खुलेआम चल रहा है। जल्द ही इसकी उच्च स्तरीय शिकायत की जाएगी और मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने मांग की जाएगी।


