सक्ती – जिला सहकारी केंद्रीय मर्यादित बैंक में ऐसा कर्मचारी भी है जो मृत्यु लोक चले गए लोगों को भी भुगतना करने की ताकत रखता है। यह बात भले ही सुनने में अजीब लग रहा होगा लेकिन यह हकीकत में हुआ था। मामला हाई प्रोफाइल होने के कारण शिकायत के बाद जांच भी हुई थी जिसमें समिति प्रबंधक को निलंबित कर बैंक के दोषी कर्मचारियों के खिलाफ अपराध दर्ज करने अधिकारियों द्वारा मीडिया में बयान भी दिया गया था।
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लेकिन माया के खेल ने इस पूरे मामले को फाइल में दबा दिया और इसी बीच ब्रांच मैनेजर सहित अन्य दो कर्मचारियों का तबादला अन्य जगहों पर कर दिया गया ताकि मामला ठंडा पड़ जाए और कार्यवाही को प्रभावित किया जा सके। इस केस में आगे यही हुआ और दोषी बच गए। लेकिन अपराध करने वाले यह भूल गए हैं कि दस्तावेज और बैंक स्टेटमेंट आज भी अपराधियों को जेल भेजने के लिए सबूत के तौर पर सुरक्षित है।
इसी बीच जिल में एक नई खबर सामन आई है कि एक कर्मचारी की मनमानी फिर से सामने आने लगी है। पूरा मामला जिला सहकारी केंद्रीय मर्यादित बैंक डभरा का है। यहां पदस्थ कर्मचारी योगेश राठौर की स्वेच्छा चारिता इतनी बढ़ गई है जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसान घंटों इंतजार करने मजबूर हैं।
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सूत्रों का कहना है कि यह कर्मचारी प्रतिदिन बैंक में लेट पहुंचता है जबकि बैंक में वर्तमान में किसानों की लंबी भीड़ लगी रहती है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी भी इसके सामने लाचार नजर आ रहे हैं। शायद यही कारण है कि मनमानी पर नकेल नहीं लग पा रहा है। जिम्मेदार अधिकारी समय रहते इस पर सुधार नहीं करते हैं तो जल्द ही इसकी शिकायत की जाएगी।


