कोरबा : एनटीपीसी गेट के पास बस्ती से सटे क्षेत्र में राखड़ पाइपलाइन फटने से शुक्रवार को अफरा-तफरी मच गई। पाइपलाइन से राखड़युक्त पानी तेज दबाव के साथ बाहर निकलने लगा और करीब 10 फुट ऊंचा फव्वारा बनने लगा। राख मिश्रित पानी सड़कों और पेड़-पौधों पर फैल गया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ और स्थानीय निवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सूचना मिलते ही एनटीपीसी के अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत मरम्मत कार्य शुरू किया और पाइपलाइन के दबाव को नियंत्रित करने के लिए कई घंटों तक मशक्कत की। अंततः सुधार कार्य पूरा होने के बाद स्थिति सामान्य हुई, जिसके बाद कर्मचारियों सहित आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली।
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स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि राखड़ पाइपलाइन फटने की घटनाएं नई नहीं हैं। उनके अनुसार, पाइपलाइन फटने के बाद बहकर आने वाली राख सूखने पर धूल का रूप ले लेती है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण फैलता है। इससे लोगों को सांस संबंधी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि राख खेतों में जम जाने से फसलों को भी भारी नुकसान होता है और मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है। बताया जा रहा है कि एनटीपीसी से राखड़ परिवहन के लिए करीब 12 पाइपलाइनें विभिन्न राखड़ डैमों तक गई हुई है। पाइपलाइन फटने का यह पहला मामला नहीं है।


