सक्ती : जिले में फर्जी केसीसी का खेल लंबे समय से चल रहा है। लगातार खबर प्रशासन एवं शिकायत होने के बावजूद भी जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग ऐसे भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने से नाकाम नजर आ रहे हैं। शायद यही कारण है कि आज भी फर्जी केसीसी का कारोबार जिले में फल – फूल रहा है।
खबर का असर – लाखों रुपए का बारदाना कमरे में रखवाया, भारी नुकसान होने की थी आशंका
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फर्जी केसीसी का ताजा मामला सामने आए हैं मामला सक्ती ब्रांच अंतर्गत का है। सूत्रों की माने तो जिस किसान को समिति द्वारा केसीसी लोन दिया गया है वह पूर्व में ही दूसरे बैंक में बंधक है जहां उनके द्वारा कर्जा लिया गया है जिसकी जानकारी राजस्व रिकॉर्ड में भी दर्ज है जिसे ऑनलाइन देखा भी जा सकता है।
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बावजूद दोबारा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा – सक्ती में इस वर्ष केसीसी ऋण देकर बेजा लाभ पहुंचाया गया है। सूत्रों का कहना है कि उक्त किसान समिति के प्राधिकृत अध्यक्ष के गांव का है और उसका पड़ोसी है। लोगों का यह भी कहना है कि संस्था प्रबंधक एवं प्राधिकृत अध्यक्ष द्वारा जानबूझकर लाभ पहुंचाने के लिए ही ऐसा किया गया है क्योंकि इस समिति के कई किसानों को प्रबंधक द्वारा दूसरे बैंक में कर्ज लिए हो कह कर लौटाया गया था। फिर ऐसे में प्राधिकृत अध्यक्ष के पड़ोसी को कैसे दो-दो बैंकों में कर्जा दे दिया गया अब सवाल बनता जा रहा है।


