हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को गांधी भवन में आयोजित TPCC कार्यकारिणी बैठक में ऐसा बयान दे दिया, जिसके बाद राजनीतिक घमासान तेज हो गया। CM ने कांग्रेस में स्वतंत्रता और विविधता के महत्व को समझाते हुए हिंदू धर्म के विभिन्न देवताओं का उदाहरण दिया, जिसे विपक्ष ने हिंदुओं की आस्था पर चोट बताया है।
CM रेवंत रेड्डी ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस 140 सालों से इसलिए कायम है क्योंकि पार्टी में स्वतंत्रता और विविध विचारों का सम्मान है। उन्होंने कहा—
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“जिस तरह लोग अलग-अलग देवताओं की पूजा करते हैं, उसी तरह कांग्रेस भी अलग-अलग मानसिकता वाले लोगों को साथ लेकर चलती है।”
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“हिंदू धर्म में तीन करोड़ देवी-देवता हैं। कोई वेंकटेश्वर का भक्त है, कोई शिव का।
अविवाहितों के लिए भगवान हनुमान हैं, दो बार शादी करने वालों के अलग भगवान हैं।” -
“जो शराब पीते हैं, उनके भी अपने भगवान हैं। मुर्गा खाने वालों के अलग भगवान हैं और दाल-चावल खाने वालों के अलग।”
उनकी यह टिप्पणी कांग्रेस के नए DCC प्रमुखों की नियुक्ति को लेकर चल रहे आंतरिक मतभेदों के बीच आई है।
विपक्ष ने उठाए सवाल, की माफी की मांग
CM के इस बयान को लेकर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया। विपक्षी दलों का आरोप है कि—
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CM रेड्डी ने हिंदू समुदाय का अपमान किया है।
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विभिन्न जीवनशैली वाले लोगों को अलग-अलग देवताओं से जोड़ना आस्था पर चोट पहुंचाता है।
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मुख्यमंत्री को जनता से माफी मांगनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर भी बयान तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।


