कोरबा – जिला परिवहन कार्यालय में फर्जी कार्यों और कथित एजेंटों की लंबी शिकायत होने के बाद भी कथित एजेंट और अधिकारियों की मनमानी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसके पीछे की वजह दोषियों के ऊपर प्रशासनिक ठोस कार्रवाई नहीं होने को बताया जा रहा है जिसके कारण इनका मनोबल बढ़ता हुआ नजर आ रहा है।

परिवहन कार्यालय के सामने चारों तरफ शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर दुकान चलाने वाले कुछ कथित एजेंटो की मनमानी एक बार फिर सामने आई है। परिवहन कार्यालय बंद होने के बाद भी कुछ दुकानें देर रात तक खुली रहती है। जानकारी अनुसार ये उनकी दुकान हैं जो अधिकारियों के खास है जो कथित एजेंट भी है जिनका कार्यालय के कामों में सबसे ज्यादा दखल देखने को मिलता है।

इस तरह के अवैध कब्जा से परिवहन कार्यालय के चारों तरफ एक लंबी दीवार बन गई है जिसका दुष्परिणाम भी नजर आ रहा है। परिवहन कार्यालय के आसपास निजी स्कूल एवं सरकारी कार्यालय भी संचालित है जहां लोगों का आना-जाना लगा रहता है, उन लोगों को भी आय दिन अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सड़क किनारे बनी दुकानों के सामने लोगों के द्वारा सड़क के ऊपर ही बेतरतीब तरीके से गाड़ियों को खड़ी कर दी जाती है जिसके कारण आय दिन यातायात बाधित हो जाता है और जाम भी लगता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल की छुट्टी के समय होती है। ऐसे अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ कार्यवाही करने लंबी शिकायतें भी विभाग तक पहुंची थी लेकिन कुछ लोगों ने निजी स्वार्थ के लिए इस कार्यवाही पर भी विराम लगा दिया है।
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इस तस्वीर में जो दुकान खुली हुई दिखाई दे रही है, वह दुकान लालू राठौर का है। इस फोटो को GPS लोकेशन के साथ लिया गया है जिसमें तिथि,समय और स्थान भी दिख रहा है। आप देख सकते हैं इसमें दिनांक 29/08/2025 को शाम 07.35 PM दर्ज है। शासन के निर्देशानुसार सरकारी कार्यालय सामान्यतः समय शाम 5:30 बजे है जिसके बाद कार्यालय लगभग बंद हो जाता है और सभी अधिकारी एवं कर्मचारी वापस घर लौट जाते हैं। लेकिन इस दुकान संचालक का आखिर क्या काम जो इतने समय तक अपने दुकान को खोल कर रखा हुआ है?
कार्यालय बंद फिर भी खुला रहा दुकान

शनिवार के दिन कार्यालय बंद रहने के बावजूद कथित एजेंट लाल राठौर का दुकान सुबह से लेकर रात के समय तक खुला रहा जिसकी तस्वीर हमने इस खबर के माध्यम से दिखाई है। दुकान के अंदर दो लोग बैठे हुए हैं। ये कौन है? इनका नाम क्या है? छुट्टी के दिन रात के समय क्या काम कर रहे हैं? यह सिर्फ दुकान संचालक द्वारा ही बताया जा सकता है।
परिवहन कार्यालय के सरकारी काम में अनाधिकृत लोगों का दखल खुलेआम, DTO की मौन स्वीकृति?
तत्कालीन डीटीओ ने लिया था संज्ञान
सूत्रों से खबर प्राप्त हुई है कि कोरबा के पूर्व जिला परिवहन शशिकांत कुर्रे ने अवैध ठेला लगाकर संचालन कर रहे सभी कथित एजेंट को बुलाकर कड़ी फटकार लगाते हुए कार्यालय बंद होने के पश्चात किसी भी तरह के दुकान खुली नजर नहीं आनी चाहिए ऐसी हिदायतें दी गई थी और दुकान खुली पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करने और जेल भेजने तक की बात कही थी जिसके बाद से सभी दुकानदारों ने कार्यवाही के डर से बंद करना शुरू कर दिया था। लेकिन वर्तमान में प्रभारी जिला परिवहन अधिकारी की उदासीनता को देखकर ऐसा लगता है कि उन्हें कुछ लेना – देना ही नहीं है।
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क्या लालू की अधिकारियों से है साठ – गांठ?
सूत्रों की माने तो लालू राठौर लंबे समय से कथित एजेंट बनकर परिवहन विभाग के अधिकांश कार्यों को करता हुआ आ रहा है। यही कारण है पुरानी जान पहचान अधिकारियों से इतनी अच्छी बन गई है कि उनके सभी काम बिना दस्तावेज जांचे ही कर दिए जाते हैं जिसका प्रमाण विकास ठाकुर के साथ भी हाल ही में किया गया काम सामने आया है, जिसकी शिकायत परिवहन आयुक्त से लेकर जिला के मुखिया तक की गई है।
पुराने होने का उठा रहे लाभ
परिवहन कार्यालय में कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मनमानी ने प्रशासनिक निर्देशों एवं विभागीय कार्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों की माने तो ये वही अधिकारी हैं जिनके खिलाफ पहले भी शिकायतें हो चुकी थी जिसके बाद कार्यवाही भी हुआ था लेकिन अपने पहुंचे एवं प्रभाव के कारण एक बार फिर अपने चहेते कथित एजेंटों के साथ मिलकर कार्यों में गड़बड़ी कर रहे हैं। सूत्रों का यह भी दावा है कि इस बात की पुष्टि संबंधित अधिकारी और और उनके चाहते एजेंट के कॉल रिकॉर्ड से किया जा सकता है।


