कोरबा: छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप के कोरबा दौरे के दौरान वन प्रबंधन और वन्यजीव संरक्षण को लेकर कई अहम पहल सामने आईं। वन सचिव और पीसीसीएफ की मौजूदगी में मंत्री ने पाली के डोंगानाला वन क्षेत्र में वन समितियों के कामकाज की समीक्षा की और ग्रामीणों से संवाद किया। चोटिया में आयोजित कार्यक्रम में हाथी प्रभावित क्षेत्रों में काम करने वाले हाथी मित्र दलों को चार मोटरसाइकिलों के साथ जूते, टॉर्च और अन्य सुरक्षा उपकरण दिए गए। मंत्री ने कहा कि हाथियों की बढ़ती संख्या के बावजूद तकनीक और समय पर सूचना के जरिए मानव-हाथी संघर्ष को कम करने में सफलता मिल रही है।
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वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मानव-हाथी संघर्ष को कम करना और मानव जीवन की सुरक्षा विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में छत्तीसगढ़ में हाथियों की संख्या करीब 200 से 250 के आसपास थी, जो अब बढ़कर लगभग 450 से अधिक हो गई है। इसके बावजूद मानव-हाथी द्वंद्व में कमी आई है। मंत्री ने ‘गज संकेत’ ऐप को इस दिशा में उपयोगी पहल बताया। उन्होंने कहा कि हाथियों की गतिविधियों की समय पर जानकारी मिलने से ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है, जिससे जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद मिल रही है।
दौरे के दौरान पाली विकासखंड के डोंगानाला वन परिक्षेत्र में वन समितियों का निरीक्षण कर मंत्री ने उनके कामकाज की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं। इसके बाद चोटिया में हाथी मित्र दलों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए, ताकि वे प्रभावित इलाकों में बेहतर तरीके से काम कर सकें। कोरबा में किंग कोबरा संरक्षण को लेकर मंत्री ने कहा कि क्षेत्र इस दुर्लभ प्रजाति के लिए अनुकूल हैबिटेट है। इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए वन विभाग जल्द ही व्यापक कार्ययोजना तैयार करेगा। लकड़ी तस्करी के सवाल पर वन मंत्री ने स्पष्ट किया कि मामले में पहले भी कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि कोई तस्करी में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इसमें तस्कर के साथ यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।