बिलासपुर – न्यू हब इनसाइट केयर फाउंडेशन द्वारा आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय सांस्कृतिक आयोजन ‘नाद मंजरी सीजन-3’ का सफल आयोजन 26 जून से 29 जून 2026 तक बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में संपन्न हुआ। इस अवसर पर देशभर से आए प्रतिभाशाली कलाकारों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को गरिमामयी बनाया।
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इस प्रतिष्ठित आयोजन में कुमारी अश्वीका साव को कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट प्रतिभा, सृजनात्मकता, समर्पण एवं प्रेरणादायी योगदान के लिए ‘कला अभिमंत्र पुरस्कार 2026 (नृत्य उदिता)’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें कत्थक नृत्य के प्रति उनकी निरंतर साधना, उत्कृष्ट प्रदर्शन तथा भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।
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इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सम्माननीय अतिथिगण के रूप में डॉ. विनय पाठक जी (कुलपति, धवे विद्यापीठ, गोपालगंज, बिहार), न्यायमूर्ति डॉ. चंद्र भूषण बाजपेयी (संरक्षक, एनएचआईसीएफ), श्री पंकज खंडेलवाल जी (संस्थापक एवं निदेशक, एनएचआईसीएफ) तथा श्री सुरेन्द्र वर्मा जी (राष्ट्रीय महासचिव, एनएचआईसीएफ) की गरिमामयी उपस्थिति रही।
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अश्वीका साव बचपन से ही भारतीय शास्त्रीय नृत्य कत्थक के प्रति समर्पित रही हैं। निरंतर साधना और गुरुजनों के आशीर्वाद से उन्होंने इस विधा में अद्भुत निपुणता हासिल की है। विद्यालयीन स्तर से लेकर राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ;दुबई, थाईलैंड, मलेशियाद्धमंचों तक उन्होंने अपनी प्रस्तुतियों से न केवल दर्शकों का दिल जीता है, बल्कि अनेक प्रतियोगिताओं में श्रेष्ठ स्थान प्राप्त कर क्षेत्र और प्रदेश का नाम भी रोशन किया है। अश्वीका साव बचपन से ही कत्थक नृत्य में रुचि रखती है और अपने कत्थक गुरु श्री ऱ़ंजीत नायक एवं तबला गुरु डॉ. कुणाल दास गुप्ता से नियमित कत्थक के लखनऊ घराने से प्रशिक्षण ले रही है। उनकी माता डी ए भी पब्लीक स्कुल कोरबा में शिक्षिका हैं और पिता जी निजी संस्था में कार्यरत हैं।
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इस सम्मान से न केवल अश्वीका साव, बल्कि उनके परिवार, गुरुजनों तथा समस्त छत्तीसगढ़ को गौरव की अनुभूति हुई है। क्षेत्र के कला प्रेमियों एवं शुभचिंतकों ने इस उपलब्धि पर उन्हें हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी हैं।


