कोरबा में ‘सजग कोरबा, सतर्क कोरबा’ अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। सीईआईआर पोर्टल की मदद से पुलिस ने 150 गुम मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए हैं। बरामद मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 26.62 लाख रुपये है। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई और उन्होंने कोरबा पुलिस का आभार जताया। साइबर सेल और जिले के सभी थाना-चौकी स्टाफ के संयुक्त प्रयास से गुम मोबाइलों को विभिन्न जिलों और राज्यों से ट्रेस कर बरामद किया गया। बरामद फोन में एप्पल, सैमसंग, ओप्पो, वीवो, रेडमी, रियलमी और वनप्लस जैसी कंपनियों के महंगे मोबाइल शामिल हैं। सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की तकनीकी मदद से इन मोबाइल फोनों को खोजकर उनके मालिकों तक पहुंचाया गया।
साइबर पुलिस थाना कोरबा ने पिछले पांच महीनों में 300 से अधिक गुम मोबाइल ट्रैक कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस दिलाए हैं। मंगलवार को साइबर थाना परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 150 लोगों को उनके मोबाइल सौंपे गए। मोबाइल वापस मिलने पर कई लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका फोन दोबारा मिल पाएगा। कोरबा पुलिस के प्रयासों से उनका विश्वास और मजबूत हुआ है। पुलिस ने बताया कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर सीईआईआर पोर्टल पर जाकर “Block Stolen/Lost Mobile” विकल्प का चयन करें। इसके बाद मोबाइल की जानकारी, पुलिस शिकायत की प्रति, पहचान पत्र और खरीद संबंधी दस्तावेज अपलोड करें। आवेदन के बाद पुलिस और टेलीकॉम कंपनियां मोबाइल को ट्रैक करेंगी। फोन मिलने पर संबंधित थाना इसकी सूचना देगा।
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कोरबा पुलिस ने अपील की है कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं या नजदीकी थाना अथवा साइबर सेल को सूचना दें। साइबर ठगी का शिकार होने पर 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। पुलिस का कहना है कि यह पहल आम जनता में सुरक्षा की भावना बढ़ाने और पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


