शक्ति जिले के सहकारिता विभाग में भ्रष्टाचार खुलेआम चल रह है जो किसी से छुपा नहीं है। चाहे फर्जी केसीसी लोन का खेल हो या फर्जी रकबा पंजीयन कर धान बेचने का, सब में महारत हासिल है।
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लेकिन इस बार जो मामला सुनने में आ रहा है वह पूरे विभाग में खलबली मचाने वाला है। सत्ता पक्ष की छवि धूमिल करने वाले चर्चित अध्यक्ष की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है।
सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि जिले के एक सोसायटी में प्राधिकृत अध्यक्ष द्वारा 4 लाख में विक्रेता और 5 लाख में ऑपरेटर की भर्ती करने ग्राहक ढूंढने में लगा है। सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी मिल रही है कि इस बात को लेकर अध्यक्ष की कई लोगों से बातचीत भी हो चुकी है।
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अब भला कौन बताए कि जिस अध्यक्ष के द्वारा यह सब किया जा रहा है उसकी ही कुर्सी खतरे में है जो कभी भी बड़ा झटका दे सकती है। लोगों से अपील है ऐसे बिचौलिए से सावधान रहें ताकि मुसीबत आने से पहले ही भाग जाए।


