सक्ती जिले में भ्रष्टाचार खुलेआम चल रहा है। प्रदेश की सुशासन सरकार जिले में कागजों तक सिमट कर रह गई है। कलेक्टर से लेकर चपरासी तक सब भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबे हुए हैं जिसके कई उदाहरण भी सामने आ चुके हैं।
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आलम यह है कि अब जनता कलेक्टर से ही कलेक्टर होने का सार्टिफिकेट मांग रहे हैं जिसका वीडियो भी खूब वायरल हुआ है। फिर भी कलेक्टर का ट्रांसफर नहीं किया जा रहा है।
जिले में भ्रष्टाचार का ताजा मामला सामने आया है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, शाखा – सक्ती, जिला – सक्ती के सेवा सहकारी समिति पतेरापाली के वर्तमान संस्था प्रबंधक रमन साहू एवं प्राधिकृत अध्यक्ष भुवनेश्वर साहू समिति के कर्मचारियों को लंबे समय से सता रहे हैं। पूरा मामला कर्मचारियों की मेहनत की गाढ़ी कमाई से जुड़ा हुआ है।
समिति में इनकी मनमानी इतनी बढ़ गई है कि कई कर्मचारियों के वेतन का भुगतान को रोक दिया है जबकि कर्मचारियों के वेतन के लिए राशि समिति के खाते में आ चुका है, सिर्फ कार्यवाही करना है।
कर्मचारियों ने इस बात की मौखिक एवं लिखित शिकायत कलेक्टर कार्यालय तक पहुंच गई, लेकिन शिकायत पर कोई कार्यवाही होती नजर नहीं आ रहा है जिसके कारण इनके हौसले बुलंद होते नजर आ रहे हैं।
सूत्रों की माने तो संस्था प्रबंधक एवं प्राधिकृत अध्यक्ष द्वारा कर्मचारियों के वेतन को छोड़कर अन्य खर्चों के लिए कई बार प्रस्ताव कर राशि आहरण कर चुके हैं जिसके रिकॉर्ड समिति के कार्यवाही रजिस्टर एवं आहरण की गई राशि बैंक खाते में इंद्राज है जिसके स्टेटमेंट जांच करने से खुद ही सच्चाई सामने आ सकती है।
सूत्रों का यह भी दावा है कि जब से रमन साहू प्रबंधक बने हैं तब से भ्रष्टाचार और भी बढ़ गया है जिसमें प्राधिकृत अध्यक्ष भी शामिल है। समिति में इनके कार्यकाल में हुए राशि आहरण ,कार्यवाही विवरण, बिल बाउचर एवं ऑडिट रिपोर्ट की जांच की जाती है तो कई गड़बड़ियां सामने आ सकती है।


