कोरबा में सिविल लाइन थाना क्षेत्र के आरामशीन पारा काशी नगर में निर्माणाधीन तीन मंजिला मकान में काम कर रहे एक मजदूर के 11 केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलसने का मामला सामने आया है। हादसे के बाद निर्माण स्थल पर हड़कंप मच गया। साथी मजदूरों ने तत्काल घायल को जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, पोड़ी निवासी 26 वर्षीय अजय चौहान ठेकेदार के अधीन मजदूरी कर रहा था। निर्माण कार्य के दौरान भाड़ा बनाते समय वह गीली रस्सी फेंक रहा था। इसी दौरान रस्सी पास से गुजर रही 11 केवी लाइन से टकरा गई। तेज करंट की चपेट में आने से अजय की पीठ और हाथ बुरी तरह झुलस गए। बताया जा रहा है कि वह करीब 40% तक जल गया है।
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घटना के बाद मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों ने बिना देर किए अजय को जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई, लेकिन स्थिति गंभीर बनी हुई है। पीठ और हाथ में गहरे जख्म हैं। जिला अस्पताल प्रबंधन ने घटना की सूचना चौकी पुलिस को मेमो के जरिए दे दी है। मेमो के आधार पर पुलिस घायल मजदूर का बयान दर्ज करेगी। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मामला सामने आ रहा है। हाईटेंशन लाइन के बेहद करीब बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के निर्माण कार्य कराया जा रहा था। घायल अजय चौहान ठेकेदार के अंडर में मजदूरी कर रहा था। हादसे के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा उपकरणों और सावधानियों का अभाव साफ दिखा। बिजली विभाग की लाइन से पर्याप्त दूरी न रखना और शटडाउन न लेना बड़ी लापरवाही मानी जा रही है।
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गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही सिविल लाइन क्षेत्र के बुधवारी में एक निर्माणाधीन मकान से गिरकर मजदूर की मौत हो गई थी। उस घटना के बाद भी ठेकेदारों और भवन मालिकों ने सबक नहीं लिया। एक बार फिर निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही एक मजदूर पर भारी पड़ी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में कई जगह हाईटेंशन लाइन के नीचे ही निर्माण कार्य चल रहे हैं। न तो बिजली विभाग से अनुमति ली जाती है और न ही सुरक्षा के इंतजाम किए जाते हैं। प्रशासन की सख्ती के बावजूद हादसे रुक नहीं रहे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। ठेकेदार की भूमिका की भी जांच होगी। घायल अजय का इलाज जिला मेडिकल कॉलेज में जारी है।


