कोरबा : जिले के वनमंडaल कोरबा एवं कटघोरा में हाथी समस्या समाप्त होने का नाम ही नहीं ले रहा है। जहां हाथियों ने कटघोरा वनमंडल के जंगल को अपना बसेरा बना लिया है वहीं कोरबा वनमंडल के करतला व कुदमुरा रेंज में पड़ोसी जिले से पहुंचे हाथियों द्वारा लगातार धान की फसल को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। कटघोरा वनमंडल के जटगा रेंज में 51 हाथी वर्तमान में सक्रिय हैं। हाथियों का यह दल कल तक रेंज के मेरई मुकवा क्षेत्र में पहाड़ पर अपनी उपस्थिति बनाए हुए थे। ताजा खबरों के अनुसार हाथियों के इस झुंड ने बीती रात अपना लोकेशन बदलते हुए चैतमा व जटगा रेंज की सीमा पर पहुंच गए।
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हाथियों को आज सुबह यहां स्थित झुनकीडीह जंगल में विचरण करते हुए देखा गया। हाथियों के बार्डर पर पहुंचने की सूचना मिलते ही चैतमा रेंज का स्टफ सतर्क हो गया है वहीं जटगा रेंज के कर्मियों द्वारा भी इसकी लगातार निगरानी की जा रही है। इधर कोरबा वनमंडल के करतला रेंज में 21 हाथी विभिन्न स्थानों पर विचरण कर रहे हैं जिससे ग्रामीणों को खतरा बढ़ गया है। खतरे को देखते हुए वन विभाग अलर्ट मोड में है और निगरानी तेज करने के साथ ही मुनादी का काम भी जोर-शोर से किया जा रहा है।
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जानकारी के अनुसार 13 हाथी रेंज के बुढिय़ापाली, 6 हाथी सेंद्रीपाली तथा दो दंतैल क्रमश: संडैल तथा करतला के जंगल में घूम रहे हैं। दंतैल हाथियों के दंतैल होने के कारण आक्रामक होने की संभावना बढ़ गई है। हाथियों के दल ने बीती रात उत्पात मचाते हुए इन सभी स्थानों पर खेतों में लगे धान की फसल को नुकसान पहुंचाया है। जिसका आंकलन वन विभाग द्वारा किया जा रहा है।


