भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा 2000 रुपये के नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा को दो साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में ये नोट लोगों के पास हैं। आरबीआई द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 31 जुलाई 2025 तक 2000 रुपये के कुल 6017 करोड़ रुपये मूल्य के नोट अभी भी चलन में हैं।
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98.31% नोट लौट चुके, 1.69% अब भी बाजार में
रिजर्व बैंक ने बताया कि 19 मई 2023 को जब 2000 रुपये के नोटों को वापस लेने की घोषणा की गई थी, उस समय इनका कुल मूल्य 3.56 लाख करोड़ रुपये था। इसके बाद से अब तक 98.31 प्रतिशत नोट लौट चुके हैं, जबकि 1.69 प्रतिशत यानी करीब 3 करोड़ नोट अब भी बाजार में हैं।
2000 के नोट अब भी वैध मुद्रा
आरबीआई ने साफ किया है कि 2000 रुपये के नोट अब भी वैध मुद्रा हैं। यानी इन्हें लेन-देन में स्वीकार किया जा सकता है। हालांकि, इन्हें चलन से धीरे-धीरे पूरी तरह हटाने की प्रक्रिया जारी है।
इन दफ्तरों में हो रही नोट बदलने और जमा कराने की प्रक्रिया
रिजर्व बैंक के 19 निर्गम कार्यालयों में अब भी 2000 रुपये के नोट बदले और जमा किए जा सकते हैं। इसके अलावा लोग देशभर के डाकघरों के जरिए भी आरबीआई के कार्यालयों में नोट भेजकर अपने बैंक खातों में जमा करा सकते हैं।
ये हैं आरबीआई के 19 निर्गम कार्यालय
अहमदाबाद, बेंगलुरु, बेलापुर, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, दिल्ली, पटना और तिरुवनंतपुरम।
संदेह के घेरे में हैं बचे हुए नोट
अब भी चलन में बचे 6000 करोड़ से ज्यादा मूल्य के नोटों को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि ये या तो आम जनता द्वारा जमा नहीं कराए गए हैं या फिर इनमें से कुछ रकम अवैध या अनजान स्रोतों से जुड़ी हो सकती है।


