कोरबा : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के दर्री में शुक्रवार रात गौवंशों के साथ हुए दर्दनाक हादसे के बाद माहौल गरमा गया। भवानी मंदिर के पास पुलिया में 17 गौवंशों के दुर्घटना की चपेट में आने की खबर सामने आने के बाद गौसेवकों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। घटना के विरोध में गौसेवकों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित रहा।
चमोली टनल में दर्दनाक हादसा: छत्तीसगढ़-झारखंड के 7 मजदूरों की मौत, 6 की तलाश जारी
बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात भवानी मंदिर के समीप पुलिया के पास 17 गौवंश दुर्घटना की चपेट में आ गए। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें किसी वाहन की भूमिका थी या नहीं, इसे लेकर फिलहाल आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में गौसेवक और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। देखते ही देखते सड़क पर भीड़ जुट गई और घटना को लेकर नाराजगी बढ़ गई।
कोरबा में 15 अगस्त को बंद रहेंगी सभी पशुवधशालाएं और मांस दुकानें, निगम ने जारी किया आदेश
गौवंशों के हादसे से नाराज गौसेवकों ने मौके पर ही चक्काजाम कर दिया। इसके चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।प्रदर्शनकारियों ने घटना पर नाराजगी जताते हुए हादसे की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही सड़क पर घूमने वाले गौवंशों की सुरक्षा और ऐसे हादसों की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की मांग भी उठाई गई। चक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। दर्री CSP गिरिजा शंकर साव ने गौसेवकों से बातचीत कर उन्हें समझाइश दी। पुलिस की मध्यस्थता के बाद प्रदर्शनकारियों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया, जिसके बाद सड़क पर यातायात बहाल हो सका।


