बिलासपुर: बेमेतरा जिले के ग्राम पथर्रा में स्थापित ओपन जेल के संचालन को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आवश्यक व्यवस्थाएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि जेल में आवश्यक स्टाफ, सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी कर इसे अधिसूचित नियमों के अनुरूप कार्यशील बनाया जाए। जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं के महानिदेशक को अक्टूबर 2026 में नया शपथपत्र पेश कर प्रगति रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के 13 जुलाई के आदेश के बाद 14 जुलाई 2026 को ग्राम पथर्रा में ओपन जेल की औपचारिक स्थापना की। इसके बाद 13 अगस्त को छत्तीसगढ़ ओपन जेल संचालन एवं प्रबंधन नियम, 2026 तय किए गए।
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इन नियमों में कैदियों की पात्रता, चयन, स्थानांतरण, समिति गठन, अवकाश, पैरोल, आर्थिक गतिविधियों और प्रबंधन की व्यवस्था शामिल है। सरकार ने ओपन जेल के लिए 48 पदों के सृजन और सीधी भर्ती की अनुमति का प्रस्ताव भेजा है। जेल अधीक्षक प्रभारी और अन्य स्टाफ की नियुक्ति के प्रस्ताव भी शासन के विचाराधीन हैं। कोर्ट ने इन प्रक्रियाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया है। ओपन जेल का उद्देश्य केवल कैदियों को रखने के बजाय उनका पुनर्वास, आत्मनिर्भरता और समाज में पुनर्स्थापन करना है। इसके लिए कौशल विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण, आईटीआई और रोजगार से जुड़े अवसर उपलब्ध कराने की तैयारी है। जन शिक्षण संस्थान, रायपुर के साथ कौशल प्रशिक्षण के लिए एमओयू किया गया है। रिहाई के बाद स्वरोजगार के लिए ऋण सुविधा देने के उद्देश्य से इंडियन ओवरसीज बैंक के साथ भी एमओयू किया गया है।
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जेल विभाग ने बाहरी सुरक्षा के लिए छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की एक कंपनी तैनात करने की मांग की है। पुलिस मुख्यालय ने पहले माओवादी हिंसा प्रभावित जिलों में तैनाती और कानून-व्यवस्था में बल की व्यस्तता के कारण कंपनी उपलब्ध कराने में असमर्थता जताई थी। इसके बाद जेल विभाग ने 14 जुलाई, पांच अगस्त और 14 अगस्त को फिर से सीएएफ कंपनी तैनात करने का अनुरोध किया है।


